डिप्टी सीएम ने कहा- 40,000 लोगों की नौकरी जाएगी
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों में रोपवे परियोजना के विरोध में रविवार को पांचवें दिन भी बंद जारी रहा। कटरा पुलिस ने तीन दिन पहले 18 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था, जबकि पांच अन्य प्रदर्शनकारी उनकी रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे।
जम्मू चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति को अपना समर्थन दिया है और प्रशासन से बातचीत के माध्यम से इस मुद्दे को हल करने के लिए कहा है।
इस दौरान डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा कि रोपवे प्रोजेक्ट का फैसला गलत है। अगर कटरा के लोग रोपवे प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं तो श्राइन बोर्ड और एलजी को उनकी बात सुननी चाहिए और समस्याओं का समाधान करना चाहिए, क्योंकि इससे 40,000 लोगों का रोजगार छिन जाएगा।
दरअसल, वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड कटरा में ताराकोट रोड से सांझी छठ के बीच 12 किलोमीटर के मार्ग पर 250 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे का निर्माण करा रहा है ताकि श्रद्धालु मंदिर के दर्शन कर सकें।
अभी तक वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं को केवल खच्चर और पालकी वाले ही दर्शन के लिए ले जाते हैं। यह उनकी आय का स्रोत है। इसलिए वे रोपवे परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
एलजी ने कहा कि परियोजना पर काम जनवरी तक पूरा हो जाएगा
जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने निर्माणाधीन जम्मू तवी रिवरफ्रंट परियोजना के स्थल का दौरा किया। 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके जनवरी तक पूरा होने की उम्मीद है। कटरा में चल रहे प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा घोषित रोपवे परियोजना का उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए तेज और सुरक्षित यात्रा प्रदान करना है।
प्रदर्शनकारी 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं
मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह जम्वाल और शिवसेना (यूबीटी) के प्रदेश अध्यक्ष मनीष साहनी ने भी रोपवे परियोजना के खिलाफ चार दिवसीय विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने रोपवे परियोजना से प्रभावित प्रत्येक नागरिक के लिए 20 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की। प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास योजना बनाने के लिए भी कहा गया था।
