498A Tea Cafe: राजस्थान के बारां जिले के अंता कस्बे में रहने वाले कृष्ण कुमार धाकड़ ने पत्नी द्वारा लगाए गए झूठे दहेज और घरेलू हिंसा के आरोपों से परेशान होकर एक अनोखा कदम उठाया है। कभी UPSC की तैयारी कर रहे धाकड़ ने अब हथकड़ी पहनकर चाय की दुकान शुरू की है, जिसका नाम रखा है – 498A टी कैफे। इस कैफे की टैगलाइन है – “जब तक नहीं मिलेगा न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय।”

498A Tea Cafe: जब तक नहीं मिलेगा न्याय, तब तक उबलती रहेगी चाय
धाकड़ की पत्नी मीनाक्षी ने उनके खिलाफ घरेलू हिंसा और लाखों रुपये के लेन-देन को लेकर केस दर्ज कराया है। कृष्ण कुमार का दावा है कि वह बीते तीन वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं और मानसिक व सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। इस स्थिति से जूझते हुए उन्होंने अपने विरोध को सार्वजनिक मंच पर लाने का फैसला किया।
निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष पुरुषों को न्याय मिले
अपनी चाय की दुकान पर वह एक अनोखा दृश्य पेश करते हैं – सिर पर सेहरा, गले में वरमाला, और हाथों में हथकड़ी पहने हुए चाय परोसते हैं। यह प्रतीकात्मक विरोध उनके अनुसार “498A कानून के गलत इस्तेमाल” पर सवाल खड़ा करता है। वह चाहते हैं कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच हो और निर्दोष पुरुषों को न्याय मिले।
498A Tea Cafe: कानून के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने का तरीका बता रहे
सोशल मीडिया पर ‘498A टी कैफे’ की चर्चा तेज़ हो रही है। देशभर से लोग कृष्ण कुमार की इस पहल पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ इसे साहसी कदम मान रहे हैं तो कुछ इसे कानून के खिलाफ नाराजगी जाहिर करने का तरीका बता रहे हैं।
498A Tea Cafe: समाज और शासन दोनों गंभीरता से ध्यान देंगे
धाकड़ का कहना है कि उन्होंने अपनी शिक्षा और करियर को दांव पर लगाया, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। अब वे इस कैफे के जरिए अपनी बात समाज तक पहुंचा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि कानून के दुरुपयोग पर समाज और शासन दोनों गंभीरता से ध्यान देंगे।
