NAXALITE SURRENDER NEWS : छत्तीसगढ-तेलंगाना सीमा पर 37 नक्सलियों ने सरेंडर किया है वही आत्मसमर्पण करने वालों में 3 सेंट्रल कमेटी मेमबर्स भी शामिल है जिन पर 20-20 लाख का इनाम घोषित था इनमें दो नक्सली 2 आंध्र–तेलंगाना और एक छत्सीगढ़ का रहने वाला है. सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले हर नक्सली को 1 करोड़ 41 लाख रुपये मौके पर प्रदान किए. पुनर्वास योजना के तहत उन्हें अन्य विशेष सुविधाएं भी दी जाएंगी.
CCM सदस्यों के नाम
- कोय्याल सांब्य्या उर्फ़ आज़ाद
- अप्पासी नारायण उर्फ़ रमेश
- मुचाकी सोमड़ा
हिड़मा की मौत के बाद सरेंडर
सुकमा–बीजापुर-आंध्र बॉर्डर के जंगलों में 18 नवंबर को मुठभेड़ हुई थी सुरक्षाबलों ने हिड़मा, उसकी पत्नी राजे और पांच अन्य नक्सलियों को ढेर कर दिया था. इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले एक दशक की सबसे बड़ी कामयाबी बताया है. हिड़मा पिछले 34 साल से नक्सलवाद के रास्ते पर था और उस पर 340 से अधिक हत्याओं के आरोप थे. इन वारदात में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मासूम ग्रामीण भी शामिल थे. हिड़मा 2010 में दंतेवाड़ा में 76 CRPF जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था
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हथियार बरामद किए
सरेंडर करने वाले अपने साथ AK-47, दो SLR, चार 303 रायफल सहित अन्य हथियार लेकर पहुंचे हैं। 37 माओवादियों में 12 तेलंगाना स्टेट कमेटी से जुड़े थे, जबकि 23 दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी और 2 PLGA के सक्रिय सदस्य थे। आजाद ने सरेंडर के दौरान खुलकर कहा कि वह लंबे समय से मुख्यधारा में लौटना चाहते थे और संगठन को इसकी जानकारी देकर ही आए हैं।
पुनर्वास योजनाओं का मिलेगा लाभ
सरेंडर माओवादियों की दक्षिण बस्तर–तेलंगाना सीमा पर कमजोर होती पकड़ का बड़ा संकेत है। विशेष रूप से हिड़मा के नेटवर्क में सक्रिय एर्रा का आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा मनोबल गिराने वाला माना जा रहा है। माओवादी संगठन के भीतर बढ़ते अविश्वास और लगातार दबाव की परिणति बता रही है। तेलंगाना पुलिस का दावा है कि भविष्य में और बड़े स्तर पर सरेंडर की संभावनाएं है।
