Jammu and Kashmir में 18 सितंबर से शुरू होने वाले तीन चरणों के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। लेकिन चुनावी माहौल के बीच घाटी में आतंकी गतिविधियाँ और पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गोलीबारी से सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ गई हैं।
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ की खबरें आई हैं। सेना के विशेष बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ जिले में एक ऑपरेशन चलाया, जिसमें तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस ऑपरेशन में सेना की 1 पैरा बटालियन, 22 गढ़वाल राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) शामिल हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है और सुरक्षा बल इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित करने में लगे हुए हैं।
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अकारण गोलीबारी की गई
जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से अकारण गोलीबारी की गई, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान घायल हो गया है। इस घटना के बाद भारतीय सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करने वाले बीएसएफ ने बताया कि सीमा पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
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18 सितंबर से मतदान
जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो रही है, जो तीन चरणों में संपन्न होगी। चुनावों के पूर्व घाटी में बढ़ती आतंकवादी घटनाएँ और सीमा पर तनाव ने सुरक्षा बलों की चुनौतियाँ बढ़ा दी हैं। बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ स्थिति को स्थिर रखने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। समाप्ति के बाद, यह स्पष्ट हो गया है कि जम्मू-कश्मीर में चुनावों के साथ-साथ सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास और सतर्कता की आवश्यकता है।
