Varuthini Ekadashi Kab Hai: हिंदू धर्म में हर महिने एकादशी पर्व आता है। ऐसे में वैशाख मास को कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन ही वरुथिनी एकादशी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। उनके लिए भक्त व्रत रखते है। शास्त्रों में इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत मंगलकारी तथा पाप-नाशक माना गया है।
कब है वरुथिनी एकादशी?
पंचांग के मुताबिक, इस महिने एकादशी तिथि का आरंभ 12 अप्रैल 2026 को मध्यरात्रि करीब 1बजकर 17मिनट बजे से शुरु हो जाएगी, जो कि 13 अप्रैल 2026 की रात 1बजकर 9 मिनट तक रहेगी। इस वजह से यह व्रत 13 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा, क्योंकि सूर्योदय के समय एकादशी तिथि रहेगी, इसलिए व्रत 13 अप्रैल को ही रखा जाएगा।

एकादशी के दिन न करें ये भूल
वरुथिनी एकादशी का व्रत करने वाले भक्तों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे-
1. एकादशी के दिन चावल का सेवन बिल्कुल न करें।
2. व्रत के दिन भर सात्विक भोजन ही लें।
3. कुछ भक्त निराहार (बिना पानी) रहकर व्रत करते हैं, जबकि कई लोग फलाहार और पानी लेकर व्रत रखते हैं।
4. किसी की निंदा न करें, जितना हो सके भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और ध्यान करें।
वरुथिनी एकादशी का क्या महत्व हैं?
शास्त्रों के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का सच्चे मन से व्रत रखते हैं, तो भाग्य जगता है, इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
कहा जाता है, जो भक्त इस व्रत को रखते हैं उन्हें कन्यादान के समान पुण्य मिलता है। जीवन में आने वाली सारी परेशानियां खत्म होने लगती हैं। महिलाओं को अखंड सौभाग्य और पारिवारिक सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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