2025 assembly byelection results: राजनीतिक क्षितिज पर क्या असर?
2025 assembly byelection results : भारत के 4 राज्यों में हुए विधानसभा उपचुनावों के परिणाम ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। 19 जून को इन राज्यों की 5 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था, और अब उन नतीजों ने राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दिया है। गुजरात, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल में हुए इस उपचुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों—AAP, BJP, कांग्रेस और TMC ने अपनी ताकत दिखाई। आइए जानते हैं इन उपचुनावों के परिणाम, जिनसे यह स्पष्ट हो गया कि कौन सा दल किस राज्य में जीत हासिल करने में सफल रहा।
गुजरात उपचुनाव: AAP और BJP के बीच तगड़ी टक्कर
गुजरात के विसावदर और कडी सीटों पर काउंटिंग ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी।
विसावदर (गुजरात)
विसावदर सीट पर AAP ने अपनी पकड़ मजबूत की। यहां AAP के कैंडिडेट गोपाल इटालिया ने BJP के कीर्ति पटेल को 17,554 वोटों से हराकर यह सीट जीत ली। गोपाल की जीत ने गुजरात में AAP के बढ़ते प्रभाव को दिखाया। इस सीट पर शुरुआती रुझान में बीजेपी आगे थी, लेकिन अंत में AAP ने बाजी मारी।
कडी (गुजरात)
वहीं, कडी सीट पर BJP ने शानदार प्रदर्शन किया। भाजपा के कैंडिडेट राजेंद्रकुमार (राजूभाई) दानेश्वर चावडा ने कांग्रेस के रमेशभाई चावड़ा को 38,904 वोटों से हराया। यह जीत गुजरात में BJP के प्रभाव को बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित हुई।
केरल उपचुनाव: कांग्रेस की शानदार वापसी
नीलांबुर (केरल)
केरल में कांग्रेस ने बड़ी सफलता हासिल की। कांग्रेस के कैंडिडेट आर्यदान शौकत ने CPI(M) के एम. स्वराज को 11,077 वोटों से हराया। कांग्रेस की यह जीत केरल में पार्टी की मजबूती को दर्शाती है, खासकर तब जब LDF सरकार की प्रमुख समस्याएं सामने आ रही थीं। कांग्रेस कार्यकर्ता नीलांबुर में जीत का जश्न मना रहे हैं।
पंजाब उपचुनाव: AAP की सत्ता पर पकड़
लुधियाना वेस्ट (पंजाब)
पंजाब की लुधियाना वेस्ट सीट पर आम आदमी पार्टी (AAP) का दबदबा देखने को मिला। यहां के परिणामों में AAP के उम्मीदवार संजीव अरोड़ा जीत की ओर अग्रसर हैं। हालांकि, इन परिणामों से एक और महत्वपूर्ण राजनीति घटनाक्रम जुड़ी है। अगर अरोड़ा विधायक बनते हैं तो उन्हें राज्यसभा सीट छोड़नी होगी, जिससे यह सीट खाली हो जाएगी और आम आदमी पार्टी के लिए राज्यसभा में किसी अन्य प्रमुख नेता को भेजने का रास्ता खुल सकता है।
उपचुनाव के परिणामों ने पंजाब में AAP की लोकप्रियता को पुनः साबित किया है।
पश्चिम बंगाल उपचुनाव: TMC की बढ़त
कालीगंज (पश्चिम बंगाल)
पश्चिम बंगाल की कालीगंज सीट पर TMC ने अपनी बढ़त बनाई है। काउंटिंग के दौरान TMC कैंडिडेट 28,784 वोटों से आगे चल रहे हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC ने बंगाल में अपनी सत्ता की स्थिरता को बनाए रखा है।
काउंटिंग राउंड और परिणामों का विश्लेषण
आइए अब हम देखें कि इन राज्यों में काउंटिंग के दौरान किस तरह के रुझान देखने को मिले:
| सीट और राज्य | आगे कौन | काउंटिंग राउंड | पहले किसके पास थी |
|---|---|---|---|
| लुधियाना वेस्ट (पंजाब) | AAP (7504 वोटों से आगे) | 11/14 | AAP |
| कडी (गुजरात) | BJP (39,452 वोटों से जीते) | 22/22 | BJP |
| विसावदर (गुजरात) | AAP (17,554 वोटों से जीते) | 21/21 | AAP |
| नीलांबुर (केरल) | कांग्रेस (11,077 वोटों से जीते) | 19/19 | LDF |
| कालीगंज (पश्चिम बंगाल) | TMC (28,784 वोटों से आगे) | 11/23 | TMC |
राजनीतिक क्षितिज पर क्या असर?
इन उपचुनावों के परिणामों ने 2025 के विधानसभा चुनावों की दिशा तय करने में मदद की है। गुजरात में AAP की विजय और पंजाब में AAP का मजबूत होना, पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर उभार को दर्शाता है। वहीं, BJP की कडी सीट पर जीत ने यह साबित किया कि पार्टी का नेटवर्क अभी भी मजबूत है।
कांग्रेस की केरल में वापसी और TMC का पश्चिम बंगाल में आगे होना यह संकेत देता है कि राज्यवार राजनीति का असर हर चुनावी परिणाम पर पड़ता है।
गुजरात, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल के उपचुनावों के परिणाम ने विभिन्न राज्यों में राजनीतिक दलों के साथ-साथ उनके नेतृत्व की ताकत को भी प्रदर्शित किया। AAP, BJP, कांग्रेस और TMC ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल की, जिससे आगामी चुनावों की राजनीति और भी दिलचस्प हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषक इस परिणाम को 2025 के चुनावों के लिए अहम संकेत मान रहे हैं। आगामी चुनावों में इन परिणामों का गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
