राज्यसभा के लिए 4 सदस्य नॉमिनेट: जानें किसे मिला यह सम्मान
राज्यसभा नॉमिनेट सदस्य घोषित : भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए 4 नए सदस्यों को नॉमिनेट किया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति में मशहूर वकील उज्ज्वल निकम, इतिहासकार मीनाक्षी जैन, पूर्व डिप्लोमैट हर्षवर्धन श्रृंगला और समाजसेवी सी. सदानंदन का नाम शामिल है। इन सदस्यताओं की घोषणा सोमवार को की गई और यह वे सीटें हैं जो पहले के नॉमिनेटेड सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई थीं। आइए, जानते हैं इन नामांकित सदस्यों के बारे में विस्तार से।

राज्यसभा के नॉमिनेटेड सदस्य:
-
उज्ज्वल निकम
उज्ज्वल निकम भारतीय वकील और लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे हैं। वे 26/11 मुंबई हमले समेत कई हाई-प्रोफाइल मामलों के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रहे हैं। उनकी कानूनी विशेषज्ञता और सक्रियता ने उन्हें इस सम्मान के लिए योग्य बना दिया। -
मीनाक्षी जैन
मीनाक्षी जैन एक प्रतिष्ठित इतिहासकार और शिक्षाविद हैं। उनकी कार्यशैली और लेखन ने उन्हें भारतीय इतिहास के प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल किया। उनके योगदान ने भारतीय समाज और संस्कृति को एक नई दिशा दी है। -
हर्षवर्धन श्रृंगला
हर्षवर्धन श्रृंगला भारत के पूर्व विदेश सचिव रहे हैं और उन्होंने देश की कूटनीति में अहम भूमिका निभाई। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा में नॉमिनेट किया गया है। -
सी. सदानंदन मास्टर
सी. सदानंदन मास्टर केरल के वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद हैं। उन्होंने समाज की भलाई के लिए कई अहम कार्य किए हैं और उनकी मेहनत को मान्यता देते हुए उन्हें यह सम्मान मिला है।
नॉमिनेशन प्रक्रिया के बारे में जानें
भारत की संसद का उच्च सदन है और इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है। हर दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं।

राज्यसभा का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं होता। इसके बजाय, यह अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के सदस्य ही राज्यसभा के लिए प्रतिनिधि चुनते हैं। हालांकि, 12 सदस्य ऐसे होते हैं जिन्हें राष्ट्रपति द्वारा नॉमिनेट किया जाता है। ये सदस्य विशेष क्षेत्रों, जैसे कि कला, साहित्य, विज्ञान और सामाजिक सेवा में अपने योगदान के लिए नॉमिनेट किए जाते हैं।
राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 होती है, जिनमें 233 निर्वाचित और 12 नामांकित सदस्य होते हैं। राष्ट्रपति को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80(3) के तहत इन नामांकित सदस्यों को चुनने का अधिकार प्राप्त है।
नॉमिनेटेड सदस्य क्यों महत्वपूर्ण होते हैं?
राज्यसभा में नॉमिनेटेड सदस्य ऐसे होते हैं जिनका चयन विशेष ज्ञान और अनुभव के आधार पर किया जाता है। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसद में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ मौजूद हों, ताकि वे कानून बनाने की प्रक्रिया में अपनी राय और सुझाव दे सकें। ऐसे सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोग होते हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किए गए इस नॉमिनेशन से राज्यसभा को और भी सशक्त बनाने की उम्मीद जताई जा रही है। उज्ज्वल निकम, हर्षवर्धन श्रृंगला, मीनाक्षी जैन और सी. सदानंदन के नामांकन से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय राजनीति और समाज के विभिन्न पहलुओं में इनकी गहरी समझ है। इन नॉमिनेटेड सदस्यों का अनुभव और विशेषज्ञता देश की कानूनी, कूटनीतिक, और सामाजिक प्रगति में अहम योगदान देगी।
Watch Now :- “सावन शुरू! जानिए कैसे पाएं भगवान शिव की अपार कृपा इस पावन महीने में 🔱”
Read More:- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: तलाक के मामले में पत्नी की कॉल रिकॉर्डिंग सबूत
