Barmer expired biscuits: राजस्थान के बाड़मेर में आयोजित ‘विकसित राजस्थान – रन फ़ॉर राजस्थान’ कार्यक्रम में भारी विवाद खड़ा हो गया। प्रतिभागियों को वितरण किए गए बिस्किट के पैकेट ‘एक्सपायरी डेट’ के पाए गए। हैरानी की बात यह है कि आज 15 मार्च है, पूरी दुनिया इस दिन को ‘विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस’ (World Consumer Rights Day) के रूप में मना रही है। इसी दिन पर प्रशासन की नाक के नीचे हुई इस लापरवाही ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एक्सपायरी डेट वाले बिस्किट
बता दे कि, दौड़ पूरी होने के बाद महात्मा गांधी हाई स्कूल मैदान में प्रतिभागियों को अल्पाहार के रूप में केले और पार्ले-जी बिस्किट के पैकेट बांटे गए। जब कुछ युवाओं ने पैकेट पर तारीख देखी, तो उनके होश उड़ गए। बिस्किट की पैकिंग डेट 9 अक्टूबर 2025 थी और इसकी एक्सपायरी डेट 8 मार्च 2026 थी। यानी वितरण के समय ये बिस्किट अपनी समय सीमा से 6 दिन पहले ही एक्सपायर हो चुके थे।
Barmer expired biscuits: प्रतिभागियों का गुस्सा
यह घटना तब हुई जब आयोजन में जिला कलेक्टर टीना डाबी, SDM राजेंद्र सिंह चांदावत, जिला परिषद CEO समेत प्रशासन के तमाम आला अफसर मौजूद थे। साथ ही BJP नेता स्वरूप सिंह खारा और किशोर सिंह कानोड़ जैसे जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे। जैसे ही एक्सपायरी बिस्किट की बात फैली, अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया और किसी के पास कोई जवाब नहीं था।
प्रतिभागियों ने भारी नाराजगी जाहिर की। युवाओं का कहना था कि जिस प्रशासन का काम बाजार में मिलावट और एक्सपायरी सामान को रोकना है, वही प्रशासन हजारों लोगों को खराब खाना परोस रहा है। अगर इन बिस्किट को खाने से किसी की तबीयत बिगड़ जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?

दुकानदार पर कार्रवाई
मामला तूल पकड़ते देख प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने आनन-फानन में बिस्किट का वितरण रुकवाया। प्रशासन का कहना है कि जिस दुकानदार से ये बिस्किट खरीदे गए थे, उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही, इस बात की भी जांच की जा रही है कि भंडार प्रभारी और वितरण टीम ने पैकेट चेक किए बिना उन्हें जनता को कैसे दे दिया?
