जब पानी सिर्फ नदी में नहीं, घरों में घुस आता है…बाढ़ की खबरें अक्सर एक आंकड़े की तरह लगती हैं17 लाख प्रभावित,75 पंचायतें डूबी, 4 फीट पानी भर गया… लेकिन जिनके घरों में ये पानी घुसा है, उनके लिए ये जीवन का उलटपलट है। भागलपुर, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर नाम पुराने हैं, पर इस बार दर्द नया है।

बिहार: 12 जिले, 17 लाख लोग और गंगा का गुस्सा
गंगा, जो कभी जीवनदायिनी थी, अब कई लोगों के लिए विनाश की लहर बन गई है। भागलपुर की 75 पंचायतें डूब चुकी हैं। रिंग बांध का 70% हिस्सा बह गया। घर नहीं बचे, सड़कें नहीं, स्कूल नहीं और उम्मीद? वो भी डगमग है।
बेगूसराय में 137 स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। लेकिन कुछ शिक्षक नाव से स्कूल पहुंच रहे हैं शायद बच्चों का स्कूल न आए, पर शिक्षा का दीपक बुझने न पाए।
पढ़ाई के लिए जान की बाज़ी
सोचिए, जब एक शिक्षक नाव पर बैठकर पानी पार करता है, तो वो सिर्फ ड्यूटी नहीं निभा रहा वो उम्मीद का दीप है उस समाज के लिए, जो बाढ़ में डूबतेउतराते भी शिक्षा को आखिरी सहारा मानता है।
उत्तराखंड: बहती गायें, डरे पहाड़ और रुकी यात्राएं
देहरादून की सड़कें नदियों में बदल गईं। एक वीडियो वायरल हुआ तेज बहाव में गायें बहती दिखीं। ये सिर्फ जानवर नहीं, एक पूरे प्राकृतिक संतुलन के डगमगाने की तस्वीर है।

केदारनाथ यात्रा 14 अगस्त तक रोकी गई है। यह धार्मिक नहीं, संवेदनशील निर्णय है। क्योंकि जब पहाड़ खुद काँपने लगते हैं, तो मनुष्य को रुकना ही पड़ता है।
यूपी, दिल्ली, असम हर कोने में बारिश का तांडव
- लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर 2 फीट पानी
- सहारनपुर में नदी पार करते लोग जान जोखिम में डाल रहे हैं
- असम के कोकराझार में जनाली नदी खतरे पर है
तेलंगाना से हिमाचल, छत्तीसगढ़ से पंजाब, हर राज्य में बादल गरज रहे हैं कुछ जगहों पर रेड अलर्ट जारी है।
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