एनएसजी समेत 4 सुरक्षा एजेंसियों ने की जांच जारी
दिल्ली के रोहिणी में सेक्टर 14 में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए धमाके में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि विस्फोटकों को स्कूल की दीवार के पास एक पॉलिथीन बैग में रखा गया था। बैग को 1 फुट गहरे गड्ढे में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद उस पर कूड़ा डालकर ढक दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए। सीसीटीवी फुटेज में दिल्ली पुलिस को दीवार के पास सफेद टी-शर्ट पहने देखा जा सकता है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
प्रशांत विहार इलाके में रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे हुए विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने त्योहारी सीजन के दौरान हुई इस घटना को गंभीरता से लिया है। चार जांच एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
आईईडी प्रबंधन संस्थान के सीआरपीएफ अधिकारियों ने जमीनी आकलन किया है और एनएसजी बम दस्ते की टीम भी दिल्ली पुलिस को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है। एनआईए और दिल्ली पुलिस की फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भी अपनी जांच कर रही है।
विस्फोट का खालिस्तान कनेक्शन
दिल्ली में रोहिणी विस्फोट के तुरंत बाद, एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट खालिस्तानी कनेक्शन की ओर इशारा करती है। जस्टिस लीग इंडिया के पोस्ट में खालिस्तान समर्थक नारों के साथ विस्फोट के फुटेज शामिल हैं। जस्टिस लीग इंडिया ने भारतीय एजेंसियों पर उसके सदस्यों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है और विस्फोट की जिम्मेदारी ली है तथा दोबारा हमले की चेतावनी दी है।
जानकारों का मानना है कि इसके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है और इस बम धमाके में खालिस्तान एंगल जोड़कर खालिस्तानी आतंक को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
