मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है और दोनों देशों के बीच शांति समझौता करीब है। इस बीच इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम भी लागू हो गया है।
ट्रम्प बोले- बातचीत सफल
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक, यह समझौता होने पर होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति सामान्य हो सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर यह डील इस्लामाबाद में साइन होती है, तो वह पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं।
ईरान ने दावों को किया खारिज
हालांकि, ईरान की सरकारी मीडिया ने ट्रम्प के दावों को खारिज करते हुए इसे ‘हवाई किले’ बताया है। ईरानी ब्रॉडकास्टर IRIB ने कहा कि इस तरह के दावों का जमीनी हकीकत से कोई संबंध नहीं है।
इजराइल और लेबनान में सीजफायल
इसी बीच, अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। यह युद्धविराम भारतीय समयानुसार देर रात से लागू हो चुका है। ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत के बाद यह सहमति बनवाई।अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, सीजफायर के दौरान इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान पर कोई आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं लेबनान सरकार पर हिजबुल्लाह को हमले से रोकने का दबाव रहेगा।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्यों अहम?
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियार दोनों के लिए किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास 5 से 6 टन तक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है। इसमें से करीब 120 से 130 किलोग्राम यूरेनियम 60% तक एनरिच्ड किया जा चुका है।अगर यह स्तर 90% तक पहुंच जाता है, तो इसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने में किया जा सकता है। यही वजह है कि अमेरिका और इजराइल लंबे समय से ईरान पर परमाणु कार्यक्रम सीमित करने का दबाव बना रहे हैं।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख अपडेट्स
- इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर लागू
- अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर ट्रम्प का बड़ा दावा
- मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज
- G-7 देशों ने युद्ध के आर्थिक प्रभाव पर चिंता जताई
- संयुक्त राष्ट्र ने युद्धविराम का स्वागत किया
इस बीच ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ‘दोस्त’ बताते हुए हालिया बातचीत को सकारात्मक बताया और क्षेत्रीय स्थिरता पर सहयोग की बात कही।
