मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 200 करोड़ से ज्यादा की लागत से गोमती नगर विस्तार स्थित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नए मुख्यालय भवन का उत्तर प्रदेश के लोकार्पण किया। उद्घाटन के बाद लखनऊ को आधुनिक आपदा प्रबंधन की बड़ी सौगात मिली। 24×7 स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से निगरानी की जाएगी। ये नया भवन 200 से अधिक सीटों वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम, क्लासरूम, लेक्चर हॉल, हॉस्टल और लाइब्रेरी से लैस है। प्रदेश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को डिजिटल कमांड, कंट्रोल और कोऑर्डिनेशन सेंटर मिला।

तैयारी और पहले से ही जागरूकता
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक लंबे अंतराल के बाद ये भवन बनकर आज तैयार है और अब अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदेश को किसी भी आपदा से होने वाले जनधन की हानि को न्यूनतम स्तर तक पहुंचाने के लिए अपना योगदान देने के लिए भी तैयार है। CM ने कहा हम लोग अक्सर आपदा आने के बाद जन और धन की व्यापक हानि के बाद तब सक्रिय होते हुए दिखाई देते हैं और अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। जबकि मेरा मानना है कि आपदा के प्रति हमारी पहले से ही सतर्कता, तैयारी और पहले से ही जागरूकता इस जन और धन की हानि को न्यूनतम स्तर तक ला सकती है। यह हम लोगों के जीवन का हिस्सा भी होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश, देश का पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्यजीव द्वंद्व को आपदा की श्रेणी में रखकर लोगों को राहत देने का कार्य किया...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 19, 2026
आपदा को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों से लोगों को अवगत कराना भी देश की बहुत बड़ी सेवा है... pic.twitter.com/Nv4QAzt46G
आपदा के बारे में जानकारी
CM योगी आदित्यनाथ ने का की स्कूलों में भी हमें जागरूकता कार्यक्रम करने चाहिए। उन्हें आपदा के बारे में जानकारी देनी चाहिए। किस-किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए, इसके बारे में जागरुक कराना चाहिए। इससे देश की बहुत बड़ी सेवा हो सकती है। आपदाएं कई तरह की होती हैं। प्राकृतिक आपदा जिनमें बाढ़ और लाइटनिंग की घटनाएं होती है। अतिवृष्टि के कारण होने वाली जनधन की हानि, मानव की असावधानी से होने वाली आपदाएं, अग्निकांड की घटनाएं या फिर किसी भवन के गलत डिजाइनिंग के कारण या किसी दुर्घटना के कारण भवन का धराशाई हो जाना, यह सभी घटनाएं होती हैं।