ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने अथॉरिटी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे “लूट का केंद्र” बताया है। कंग ने मुख्यमंत्री से GMADA के खिलाफ कार्रवाई करने और इसे खत्म करने की बात कही। मामला कंग के लोकसभा क्षेत्र में आने वाले गांव सैनी माजरा का है। यहां GMADA की ओर से अवैध निर्माण को लेकर लोगों को नोटिस दिए गए थे। इसके बाद कुछ दुकानों और अन्य निर्माणों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सांसद से शिकायत की।
कंग ने मौके पर पहुंचकर लोगों की सुनी शिकायतें
शिकायत मिलने के बाद मालविंदर सिंह कंग गांव पहुंचे और लोगों से बातचीत कर पूरी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि गांव के लोगों ने उन्हें फोन कर GMADA की कार्रवाई के बारे में बताया था। कंग के मुताबिक, उन्होंने GMADA के चीफ से भी बात की थी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगर दुकानें अवैध हैं और उन्हें तोड़ना है तो सभी के खिलाफ समान कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना था कि या तो सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई हो या किसी एक व्यक्ति की दुकान को निशाना न बनाया जाए। कंग ने बताया कि रात करीब 11 बजे भी उन्होंने GMADA चीफ से फोन पर इस कार्रवाई को लेकर बात की थी।
‘हाईकोर्ट के आदेश बताए गए, लेकिन कार्रवाई में भेदभाव क्यों?’
कंग ने कहा कि जब उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि यह हाईकोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखने का फैसला किया। सांसद ने कहा कि अगर कोर्ट के आदेश के आधार पर कार्रवाई हो रही है तो उसे सभी पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि GMADA में धक्केशाही की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कंग ने अधिकारियों पर पैसे लेकर कुछ दुकानों को कार्रवाई से बचाने के आरोपों का भी जिक्र किया। हालांकि, ये आरोप स्थानीय लोगों की शिकायतों और कंग के दावों पर आधारित हैं।
‘गरीबों की दुकानों पर चल रहा पीला पंजा’
मालविंदर सिंह कंग ने कहा कि छोटे दुकानदार और दिहाड़ीदार लोग बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का खर्च चलाते हैं। ऐसे लोगों की दुकानों पर कार्रवाई होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्माण अवैध है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। कंग ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा, “यह GMADA लूट का केंद्र बन गया है। इसे हमें खत्म करना पड़ेगा। इनके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी।”
‘अब GMADA का घेराव करेंगे’
मामले को लेकर कंग ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो GMADA के खिलाफ घेराव किया जाएगा। सैनी माजरा में अवैध निर्माण पर चल रही कार्रवाई के बीच अब मामला राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ GMADA की कार्रवाई को कोर्ट के आदेश से जोड़े जाने की बात सामने आई है, वहीं सांसद और स्थानीय लोग कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और स्थानीय लोगों की शिकायतों पर GMADA की ओर से क्या जवाब सामने आता है।