हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शनिवार को भी राष्ट्रगान और वंदे मातरम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध खत्म नहीं हुआ। सदन के भीतर जमकर हंगामा हुआ तो कार्यवाही सोमवार तक स्थगित होने के बाद नाराज भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान के आरोप लगाए।
सदन में फिर हुआ हंगामा
शनिवार सुबह विधानसभा के बाहर से शुरू हुआ गतिरोध सदन के भीतर भी पहुंच गया। वंदे मातरम और राष्ट्रगान के मुद्दे पर हंगामे के चलते पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 2 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए।
भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के स्पष्टीकरण के दौरान भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और भारी हंगामा हुआ। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदस्यों से सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही सोमवार, 24 अगस्त को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

भाजपा विधायक धरने पर बैठे
कार्यवाही स्थगित होने के बाद भाजपा विधायक विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। विपक्षी विधायकों ने सदन चलाने की मांग को लेकर नारेबाजी भी की। इससे पहले विधानसभा परिसर के बाहर भी प्रदर्शन हुआ, जहां विधायकों के हाथों में तख्तियां नजर आईं।
भाजपा विधायक दल ने पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामलों और जिला परिषद अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया कथित तौर पर लंबित रखने को लेकर भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सुक्खू ने भाजपा विधायकों को बताया ‘ड्रामेबाज’
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किसी धर्म या राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। उन्होंने कहा कि इनके लिए कांग्रेस के लाखों लोगों ने कुर्बानी दी है।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक राष्ट्रगान समाप्त होने से पहले ही हाथ खड़े कर चुके थे, जिसे उन्होंने राष्ट्रगान का अपमान बताया। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं को ‘ड्रामेबाज’ भी करार दिया। उन्होंने पिछले वर्ष आपदा के दौरान सराज में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की तिरंगा लगी गाड़ी पर जूते और कपड़े फेंके जाने का भी जिक्र किया और इसे राष्ट्रध्वज का अपमान बताया।
जयराम ठाकुर ने मांगा राष्ट्रगान का वीडियो
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी भाजपा विधायक ने राष्ट्रगान का अपमान नहीं किया। उन्होंने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के जरिए मामला उठाते हुए सदन में बीते दिन राष्ट्रगान का वीडियो दिखाने की मांग की।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि वीडियो में राष्ट्रगान का अपमान साबित नहीं होता है तो मुख्यमंत्री को अपने आरोपों के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगीत का अपमान हुआ था।
जिलों तक पहुंचा विवाद
विवाद अब विधानसभा तक सीमित नहीं रहा है। कांग्रेस ने राष्ट्रगान के मुद्दे पर प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करने का फैसला किया है। धर्मशाला समेत कई स्थानों पर प्रदर्शन की बात सामने आई है। वहीं, विधानसभा की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुक्खू ने की। बैठक में शुक्रवार के गतिरोध और राष्ट्रगान विवाद पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की गई।