Uttarakhand UCC Day CM Dhami: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के एक साल पूरा हो चुका है। इसको लेकर राज्यभर में ‘UCC दिवस’ मनाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून के गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए और UCC को महिलाओं की सुरक्षा और समान अधिकारों से जोड़कर बताया।
किसी बेटी के साथ धोखा नहीं होगा
मुख्यमंत्री धामी ने लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर कहा कि इसे इसलिए अनिवार्य किया गया है ताकि किसी बेटी के साथ धोखा न हो, ताकि कोई बेटी टुकड़ों में न मिले और माता-पिता को यह पता रहे कि उनकी बेटी सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि यह फैसला राजनीति नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। [caption id="attachment_130776" align="alignnone" width="612"]
‘UCC दिवस’ मना रहा उत्तराखंड[/caption]
Uttarakhand UCC Day CM Dhami: धर्म के खिलाफ नहीं UCC
CM धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य सभी को समान अधिकार देना, महिलाओं को न्याय दिलाना और कुप्रथाओं को खत्म करना है। उन्होंने इसे देवभूमि उत्तराखंड से देश को मिलने वाला समानता का संदेश बताया। CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब चुनाव से पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की बात की गई थी, तब कई लोगों ने इसका मजाक उड़ाया। विपक्ष ने कहा था कि यह सिर्फ एक घोषणा है और इसे लागू करना संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार ने कमेटी गठन से लेकर राष्ट्रपति की स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया अपनाकर 27 जनवरी 2025 को UCC लागू कर दिया। [caption id="attachment_130778" align="alignnone" width="624"]
धर्म के खिलाफ नहीं UCC - CM[/caption]