देहरादून। उत्तराखंड में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के मौके पर वरिष्ठ महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है। सरकार के मुताबिक, प्रदेश की 6.50 लाख से ज्यादा महिलाएं इस फैसले से लाभान्वित होंगी।सरकार का मानना है कि इस सुविधा से खासकर पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों में रहने वाली बुजुर्ग महिलाओं को आवागमन में आर्थिक राहत मिलेगी।
60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को फ्री यात्रा
नई घोषणा का सीधा लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। रोडवेज बसों में यात्रा के लिए उन्हें किराया नहीं देना होगा।पर्वतीय क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। ऐसे में यह सुविधा बुजुर्ग महिलाओं के लिए अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में मददगार हो सकती है।
महिलाओं के लिए पिंक ई-बस का भी ऐलान
सरकार ने शहरी परिवहन में महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाने की बात कही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित करने की घोषणा की गई है।इन बसों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
लखपति दीदी योजना में 3 लाख से ज्यादा महिलाएं
सरकार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी योजना के तहत सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा की आय हासिल कर चुकी हैं।अब महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की बात कही गई है।
सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण
महिला सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा एकल महिला स्वरोजगार और महालक्ष्मी किट जैसी योजनाओं को भी महिला-केंद्रित पहल के तौर पर बताया गया है।
महिलाओं के लिए हाईटेक टॉयलेट भी बनेंगे
सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए हाईटेक टॉयलेट बनाने की घोषणा भी की है। सरकार का फोकस महिलाओं के लिए परिवहन के साथ-साथ सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है।