उत्तराखंड के रुद्रपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार किसी मौलवी या मुल्ला के कहने से डरने वाली नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हमें धमकी न दें।”
‘सरकार को डराने की कोशिश’
सीएम धामी ने आरोप लगाया कि रुद्रपुर में एक मौलवी की ओर से सरकार को डराने और धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मदरसों पर कार्रवाई को लेकर धमकी भरे बयान दिए जा रहे थे। धामी ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक व्यक्ति की सोच नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक विचारधारा है। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच रखने वालों के खिलाफ सरकार कानून के तहत कार्रवाई करेगी।
‘कानून के तहत करारा सबक’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां वोट बैंक की राजनीति करने वाली सरकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार तुष्टिकरण के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई करने में विश्वास रखती है। धामी ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग संविधान और कानून के खिलाफ काम करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ऐसे लोगों को “करारा सबक” सिखाने की बात भी कही।
13 हजार एकड़ जमीन से हटाया अतिक्रमण
सीएम धामी ने सरकार की ओर से किए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 13 हजार एकड़ जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में उनकी सरकार ने सख्त भू-कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में काम किया है। साथ ही धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया गया है।
‘मौलवी-मुल्ला के कहने से डरेंगे नहीं’
धामी ने कहा कि सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि जहां भी कानून का उल्लंघन होगा, वहां कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि उनकी सरकार किसी मौलवी-मुल्ला के कहने से डरने वाली नहीं है और उन्हें धमकी नहीं दी जानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बुधवार को रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिए जाने का मामला सामने आया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो में रामपुर के दरियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब मदरसों को लेकर बयान देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में परिणाम भुगतने की चेतावनी दिए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुफ्ती मुजीब के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने धार्मिक जुलूस के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में धारा 196(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। मामले को लेकर मुख्यमंत्री धामी के सख्त बयान के बाद उत्तराखंड की सियासत भी गरमा गई है।