चीनी की जमाखोरी पर यूपी सरकार सख्त,400 टन से ज्यादा स्टॉक पर कार्रवाई

चीनी की जमाखोरी पर यूपी सरकार सख्त,400 टन से ज्यादा स्टॉक पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी बढ़ाई है।

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यूपी में चीनी की कीमत नियंत्रण

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ चीनी की उपलब्धता और भंडारण की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि कारोबारी तय सीमा से ज्यादा चीनी का स्टॉक न रखें।

30 दिन से ज्यादा स्टॉक नहीं

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी कारोबारी 30 दिन से अधिक की जरूरत के बराबर चीनी का भंडारण न करे। एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी रखने वाले डीलरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर एस्मा के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।

यूपी में पर्याप्त स्टॉक

सरकार के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है। इसके बावजूद बाजार में कीमतों में तेजी को देखते हुए सरकार ने सप्लाई और स्टॉक पर नजर रखने का फैसला किया है।

एक महीने में ₹17 तक बढ़ा भाव

त्योहारी सीजन से पहले चीनी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। पिछले एक महीने में खुदरा बाजार में इसका भाव करीब ₹48.18 से बढ़कर ₹65 प्रति किलो तक पहुंच गया है। कुछ इलाकों में चीनी ₹70 प्रति किलो तक बिकने की बात भी सामने आई है। कीमतों में इस बढ़ोतरी से आम लोगों के साथ सरकार की चिंता भी बढ़ी है।

तीन स्तरों पर सरकार की तैयारी

कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार तीन स्तरों पर काम कर रही है। बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए आयात का सहारा लिया जा रहा है। वहीं, जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक सीमा और निगरानी व्यवस्था को सख्त किया गया है। इसके अलावा नई फसल आने से पहले चीनी का उत्पादन बढ़ाने के लिए गन्ने की पेराई जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।

सप्लाई बढ़ाने पर जोर

सरकार का लक्ष्य है कि नई फसल बाजार में आने तक पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध रहे। इससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और कीमतों पर दबाव कम किया जा सकेगा। केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में तेजी के लिए एथनॉल नीति को जिम्मेदार मानने से इनकार किया है। फिलहाल सरकार की नजर बाजार में चीनी की उपलब्धता, स्टॉक और कीमतों पर बनी हुई है।