रक्षाबंधन के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। उन्नाव, सहारनपुर और हापुड़ में टीमों ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध मावा, नकली पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री बरामद की। कई जगह खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट कराए गए, जबकि कुछ सामग्री सीज कर सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
उन्नाव में बड़ी कार्रवाई
उन्नाव में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 9 खाद्य सैंपल लिए। कार्रवाई के दौरान करीब 112 किलो खाद्य पदार्थ सीज किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹49,720 बताई गई है। वहीं, करीब 1,957 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.84 लाख है। विभाग ने सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
बिना लाइसेंस चल रहा था परिसर
रामपुर गढ़वा में एक परिसर की जांच के दौरान करीब 20 किलो खोया और 15 किलो वनस्पति नष्ट कराया गया। परिसर बिना पंजीकरण या लाइसेंस के संचालित पाया गया, जिसके बाद उसे बंद कराया गया। एक अन्य परिसर में करीब 510 किलो छेना मिठाई और 200 लीटर दूध समेत अन्य खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। स्किम्ड मिल्क पाउडर के नमूने भी सीज किए गए।
सहारनपुर में नकली पनीर
सहारनपुर में खाद्य विभाग की टीम ने देहरादून चौक और हॉस्पिटल रोड पर एक ऑटो की जांच की। इसमें बिक्री के लिए 25 पीपे सफेद रसगुल्ले ले जाए जा रहे थे। मिलावट की आशंका पर रसगुल्ले का सैंपल लिया गया। इसके अलावा देवबंद और अन्य इलाकों से पनीर, दूध, सिरप और स्कूल में बच्चों को परोसी जाने वाली तहरी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
90 किलो पनीर नष्ट
नकुड़ में बस स्टैंड चौक के पास एक परिसर में नकली पनीर बनाए जाने की जानकारी पर छापा मारा गया। टीम ने मौके से करीब 90 किलो दूषित और संदिग्ध पनीर नष्ट कराया। तैयार पनीर का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
हापुड़ में ₹1.75 लाख का मावा
हापुड़ में खाद्य विभाग ने मिल्क पाउडर और रिफाइंड तेल जैसी सामग्री से मावा तैयार किए जाने की सूचना पर छापेमारी की। धौलाना क्षेत्र के सोलाना और लालपुर में पुलिस बल के साथ तीन स्थानों पर कार्रवाई हुई। टीम ने एक जगह से करीब 700 किलो मिलावटी मावा बरामद किया, जिसकी कीमत लगभग ₹1.75 लाख बताई गई। मावे को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। हापुड़ की कार्रवाई में करीब 268 किलो वनस्पति और 510 किलो मिल्क पाउडर भी सीज किया गया। दोनों की अनुमानित कीमत क्रमशः ₹53,600 और ₹1.78 लाख बताई गई है। कई नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, त्योहार के दौरान मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।