लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। सोमवार को लखनऊ में हुई पार्टी की कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं से सीधे तौर पर मैदान में उतरने और जनता के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा। उन्होंने साफ संदेश दिया कि सिर्फ सरकार के काम के भरोसे चुनाव नहीं जीता जा सकता, संगठन को भी जमीन पर अपनी सक्रियता दिखानी होगी। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा, “जो सो रहे हैं, वे जाग जाएं।” उन्होंने कहा कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दों के जरिए लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में बीजेपी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की सही जानकारी जनता तक पहुंचाएं और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब दें।
Gen-Z और Gen Alpha पर बीजेपी का फोकस
मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी कार्यकर्ताओं को सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष बच्चों के भविष्य, शिक्षा और रोजगार जैसे सवालों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। योगी ने 2017 से पहले की शिक्षा व्यवस्था और मौजूदा व्यवस्था के बीच अंतर का जिक्र करते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की स्थिति पहले किसी से छिपी नहीं थी। बीजेपी सरकार ने स्कूलों के कायाकल्प और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन बदलावों को जनता तक पहुंचाने की अपील की।
एक्सप्रेसवे से रैपिड रेल तक
कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं को सरकार की उपलब्धियों के तौर पर सामने रखा। योगी ने देश की पहली रैपिड रेल यानी RRTS का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े इन कामों की जानकारी केवल पार्टी के कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक पहुंचकर लोगों को सरकार के काम के बारे में बताना होगा।
स्मृति ईरानी ने बताया बीजेपी का डिजिटल प्लान
कार्यशाला में बीजेपी की राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी की रणनीति को लेकर कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के डिजिटल नैरेटिव का मुकाबला केवल भाषणों से नहीं किया जा सकता। इसके लिए उन लोगों की वास्तविक कहानियां सामने लानी होंगी, जिन्हें केंद्र या राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिला है। स्मृति ईरानी ने संगठन से कहा कि उत्तर प्रदेश के 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों से कम से कम 10-10 सक्सेस स्टोरी तैयार की जाएं। इन कहानियों में पीएम आवास योजना से घर पाने वाले परिवार, ODOP के जरिए लाभ लेने वाले कारीगर, मुद्रा योजना से अपना कारोबार शुरू करने वाले उद्यमी और ऑपरेशन कायाकल्प से बदले स्कूलों के विद्यार्थियों को शामिल किया जा सकता है।
जनता तक पहुंचेगी ‘रियल स्टोरी’
बीजेपी इन लाभार्थियों की करीब एक मिनट की वीडियो स्टोरी तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने की तैयारी में है। पार्टी का जोर इस बात पर है कि सरकारी योजनाओं का प्रचार सिर्फ नेताओं के भाषणों तक सीमित न रहे, बल्कि लाभार्थी खुद अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाएं। इस रणनीति के जरिए बीजेपी यह दिखाने की कोशिश करेगी कि सरकारी योजनाओं का असर जमीन पर किस तरह दिखाई दे रहा है। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक इन कहानियों को पहुंचाने की जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।
सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
स्मृति ईरानी ने प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारियों से कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखने को कहा। उन्होंने केंद्र सरकार से जुड़े 13 अभियानों को भी प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया। कार्यशाला में यह संदेश भी दिया गया कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाए। जहां किसी मामले में सरकार के सहयोग की जरूरत हो, वहां संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय के जरिए उसका समाधान निकाला जाए। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी बात मजबूत तरीके से रखने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। योगी आदित्यनाथ का कार्यकर्ताओं को दिया गया संदेश भी इसी चुनावी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।