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UP में लगातार बारिश से बाढ़ का कहर: 18 जिलों में हालात गंभीर, CM योगी ने किया हवाई सर्वे

By : Himani Shrotriya
UP में लगातार बारिश से बाढ़ का कहर: 18 जिलों में हालात गंभीर, CM योगी ने किया हवाई सर्वे
UP Floods Yogi Aerial Survey: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने 18 जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। अब तक 774 मकान बारिश और बाढ़ में ढह चुके हैं, जबकि हजारों लोग प्रभावित हो चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह काशी (वाराणसी) और गाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों को तेज करने और प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। मौसम विभाग ने आज 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसमें 10 जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी है।
जौनपुर और पीलीभीत में इतनी भारी बारिश हुई कि सड़कें तालाब बन गईं, जिसके चलते 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। बाढ़ से फसलें बर्बाद हो रही हैं, और ग्रामीण इलाकों में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात की हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है।
[caption id="attachment_102545" align="alignnone" width="399"]UP में लगातार बारिश से बाढ़ का कहर UP में लगातार बारिश से बाढ़ का कहर[/caption]

18 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति

बहराइच जिले में बाढ़ के पानी के साथ मगरमच्छ का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार रात एक रिहायशी इलाके में मगरमच्छ घुस गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 12 बजे मगरमच्छ सड़क पर आकर बैठ गया। उन्होंने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को पकड़कर सरयू नहर में छोड़ दिया। यह घटना बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों के मानव बस्तियों में घुसने की बढ़ती समस्या को दर्शाती है।

UP Floods Yogi Aerial Survey: मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 10 जिलों—वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, गाजीपुर, बलिया, चंदौली, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ और गोरखपुर—में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। बाकी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून ट्रफ के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा की तीव्रता बढ़ी है। अगले 24 घंटों में 50-100 मिमी तक बारिश हो सकती है, जो बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना सकती है। विभाग ने नदियों के जलस्तर की निगरानी करने और सतर्क रहने की सलाह दी है। [caption id="attachment_102546" align="alignnone" width="532"]CM योगी ने किया हवाई सर्वे CM योगी ने किया हवाई सर्वे[/caption]

गंगा खतरे के निशान से ऊपर

बलिया जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रहा है, जिससे 12 गांवों में पानी घुस गया है। श्मशान घाट डूब चुके हैं, और ग्रामीणों को नावों से निकाला जा रहा है। सेंट्रल वाटर कमीशन के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.12 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 57.61 मीटर से काफी ऊपर है। बाढ़ से चावल और सब्जी की फसलें बर्बाद हो रही हैं। प्रशासन ने 99 बाढ़ पोस्ट सक्रिय कर दिए हैं, और राहत सामग्री वितरित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन सड़कें अवरुद्ध होने से चुनौतियां बढ़ रही हैं। [caption id="attachment_102547" align="alignnone" width="517"]गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रहा है गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर बह रहा है[/caption]

10 हजार घर जलमग्न

UP Floods 2025 Aerial Survey: प्रयागराज में पिछले दो महीनों में गंगा और यमुना नदियां चौथी बार उफान पर हैं। निचले इलाकों के 10 हजार घरों में बाढ़ का पानी भर गया है, और लोग अपनी गृहस्थी समेटकर पलायन कर रहे हैं। सेंट्रल वाटर कमीशन के अनुसार, गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 86.03 मीटर और यमुना नैनी में 86.04 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 84.73 मीटर से ऊपर है। 107 वार्ड और 200 से अधिक गांव प्रभावित हैं, जिसमें राजापुर, बेली कछार, चंदपुर सलोरी, गोविंदपुर, छोटा बगढ़ा और बड़ा बगढ़ा प्रमुख हैं। जिला प्रशासन ने स्कूल बंद कर दिए हैं और राहत शिविर स्थापित किए हैं। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हवाई सर्वे कर कहा कि यह 2013 की बाढ़ से भी बदतर है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें 250 नावों से बचाव कर रही हैं।

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