हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायकों की संपत्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित की है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति के स्रोत को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी बड़ी संपत्ति किन माध्यमों से अर्जित की गई।
50 से 100 करोड़ की संपत्ति का दावा
सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा के कई विधायक 50 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपये तक की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी संपत्तियों की जांच होनी चाहिए और उनके स्रोत का पता लगाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के मुताबिक जांच होने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि धन कहां से आया और किस तरह संपत्ति खड़ी की गई।
बोले- यह राजनीतिक द्वेष का मामला नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति की जांच की मांग किसी राजनीतिक द्वेष के तहत नहीं की जा रही है, बल्कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने ईमानदारी से संपत्ति अर्जित की है तो उसे उसका पूरा विवरण जनता के सामने रखने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।
भ्रष्टाचार करने वालों को नहीं बख्शेगी सरकार
सीएम सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति बनाने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार कुछ लोगों के लिए धंधा बन चुका है।
जनता के धन का जनहित में होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के धन का इस्तेमाल गरीब, बेसहारा, जरूरतमंद और विधवा महिलाओं के बच्चों की शिक्षा सहित जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक धन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।