पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार और मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के बीच गतिरोध और गहरा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को यूनियन प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी। मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके थे कि जब तक कर्मचारी हड़ताल खत्म नहीं करते, तब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार के साथ बातचीत नहीं होगी।
मुख्यमंत्री के बैठक रद्द करने के फैसले के बावजूद यूनियन के प्रतिनिधि बैठक की उम्मीद में पीएपी परिसर पहुंच गए। प्रतिनिधि दोपहर करीब 12 बजे वहां पहुंचकर काफी देर तक इंतजार करते रहे। हालांकि, बैठक से पहले ही मुख्यमंत्री ने इंटरनेट माध्यम के जरिए अपना रुख स्पष्ट कर दिया था।
‘हड़ताल और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकती’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हड़ताल और बातचीत एक साथ नहीं चल सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को पहले हड़ताल समाप्त करनी होगी और इसके बाद ही सरकार उनकी मांगों पर चर्चा के लिए बैठक करेगी। मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद फिलहाल सरकार और यूनियन के बीच बातचीत की संभावना टल गई है।
यूनियन प्रतिनिधियों के पीएपी परिसर में पहुंचने और बैठक का इंतजार करने के बावजूद मुख्यमंत्री अपने फैसले पर कायम रहे। ऐसे में कर्मचारियों और सरकार के बीच जारी गतिरोध के जल्द खत्म होने के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं।
नए पुलिस कर्मचारियों को बांटे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान इससे पहले पीएपी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने नवनियुक्त पुलिस कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री करीब सवा एक बजे परिसर से रवाना हो गए। इसके बाद वह ओल्ड बारादरी स्थित अपने आवास पहुंचे।
महंगाई भत्ते समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल
दूसरी ओर, मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के प्रतिनिधि पीएपी परिसर में ही बैठक की उम्मीद में बैठे रहे। सरकारी कर्मचारी महंगाई भत्ते समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। यूनियन का कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों पर बातचीत करनी चाहिए तथा उनका समाधान निकालने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद अब सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन आगे क्या रणनीति अपनाती है और हड़ताल को लेकर क्या फैसला लेती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।