राष्ट्रगान विवाद में सुक्खू सरकार घिरी, जयराम ठाकुर ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

राष्ट्रगान विवाद में सुक्खू सरकार घिरी, जयराम ठाकुर ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और वंदेमातरम को लेकर सियासी विवाद गहराया। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी।

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राष्ट्रगान विवाद में सुक्खू सरकार घिरी, जयराम ठाकुर ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ को लेकर शुरू हुआ सियासी विवाद अब मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस तक पहुंच गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को भाजपा विधायकों के साथ मुख्यमंत्री के खिलाफ नोटिस सौंपा।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर सदन में प्रदेश की जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के खिलाफ झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया है।

हिमाचल सीएम सुक्खू (बाएँ) और जयराम ठाकुर (दाएं)

‘जनप्रतिनिधियों के खिलाफ बोला झूठ’

जयराम ठाकुर ने दोपहर करीब सवा एक बजे विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस सौंपने के बाद कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर प्रदेश की करीब 75 लाख जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ सरासर झूठ बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सदन और जनता से माफी मांगने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री अपने आरोप वापस लेकर माफी नहीं मांगते हैं, तो विपक्ष उनके खिलाफ न्यायालय में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराने पर विचार करेगा।

राष्ट्रगान

‘वीडियो फुटेज से साफ है सच’

जयराम ठाकुर के मुताबिक, विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री की ओर से संदेश दिया गया था कि सदन में वंदेमातरम नहीं गाया जाएगा। इसके बावजूद सत्र के आरंभ में पूरे सदन ने राष्ट्रगान का सम्मान किया और बाद में अध्यक्ष के आसन पर बैठने के बाद संपूर्ण वंदेमातरम भी गाया गया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की लगातार मांग के बाद विधानसभा की वीडियो फुटेज उपलब्ध कराई गई। उनके अनुसार, फुटेज में स्पष्ट है कि विपक्ष के किसी भी सदस्य ने राष्ट्रगान का अनादर नहीं किया।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि विपक्ष के किसी सदस्य से कोई गलती हुई होती, तो पार्टी स्वयं उसके खिलाफ कार्रवाई करती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कानून से ऊपर नहीं हैं और यदि वह अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांग लेते हैं तो विपक्ष इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाएगा।

‘मंत्री और मुख्यमंत्री कुतर्क कर रहे’

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर तथ्यों के बजाय कुतर्क के सहारे विवाद को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि सरकार के जिम्मेदार मंत्री तथ्यों के बजाय कुतर्क परोस रहे हैं और मुख्यमंत्री भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं।

उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम’ गाने से परहेज क्यों किया जाता है।

आउटसोर्स भर्तियों पर भी सरकार को घेरा

सुक्खू सरकार और उसके प्रतिनिधि

जयराम ठाकुर ने कर्मचारियों और भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सुक्खू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आउटसोर्स माध्यम से प्रदेश के योग्य और आम युवाओं को दरकिनार कर सरकार अपने चहेतों, पार्टी पदाधिकारियों और विधायकों के करीबियों को लाभ पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि संदिग्ध आउटसोर्स एजेंसियों की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट भी गंभीर चिंता जता चुका है। अब विशेषाधिकार हनन नोटिस पर विधानसभा अध्यक्ष नियमों के तहत क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।