रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले में शासन ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में कथित लापरवाही और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन में बदलाव किया गया है।
डॉ. प्रियंक शर्मा बने नए अधीक्षक
शासन ने सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष यानी HOD डॉ. प्रियंक शर्मा को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल का नया अधीक्षक नियुक्त किया है। इस बदलाव के बाद अब अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी उनके सामने होगी।
लापरवाही के आरोपों से बढ़ा विवाद
प्रसूता और नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज में कथित लापरवाही पर सवाल उठाए थे। परिजनों का आरोप था कि समय पर उचित इलाज और जरूरी चिकित्सा सुविधा नहीं मिल सकी। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हुए।
अस्पताल प्रशासन में बदलाव
घटना के बाद हुए इस प्रशासनिक बदलाव को अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए अधीक्षक के सामने मरीजों की देखभाल, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और अस्पताल में मौजूद खामियों को दूर करने की बड़ी चुनौती होगी।
मरीजों की सुविधाओं पर फोकस
अब उम्मीद की जा रही है कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इलाज के दौरान लापरवाही की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, डॉक्टरों और स्टाफ की जवाबदेही तथा मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार पर भी जोर दिया जा सकता है।
अस्पताल की साख बहाल करना चुनौती
संजय गांधी अस्पताल क्षेत्र का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नए अधीक्षक के सामने अस्पताल की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के साथ मरीजों का भरोसा कायम करना भी बड़ी चुनौती होगी। प्रशासनिक बदलाव के बाद अब सभी की नजर अस्पताल में होने वाले सुधारों और आगे की कार्रवाई पर रहेगी।