भोपाल के करोंद इलाके में रविवार रात आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। कार्यक्रम में भाषण के दौरान शर्मा ने मंच से कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल छोड़ो तो काजी कैंप में जाकर गिरे।” बयान सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, बयान के तुरंत बाद रामेश्वर शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद से था।
"करोड़ स्क्वायर से मिसाइल दागकर उसे काज़ी कैंप (भोपाल का मुस्लिम-बहुल इलाका) पर गिराओ।"
— Mukesh Mathur (@mukesh1275) September 7, 2026
तालियाँ बजने के बाद- “मैंने यहाँ का काजी कैंप नहीं कहा इस्लामाबाद का कहा है।”
- बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा pic.twitter.com/Yy2pliGPke
पाकिस्तान का जिक्र करते हुए दिया बयान
करोंद के भगत सिंह चौराहे पर आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में रामेश्वर शर्मा ने हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि हिंदू एकता केवल मटकी फोड़ने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज को हर स्तर पर एकजुट होना चाहिए। पाकिस्तान का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब लाहौर, ढाका और इस्लामाबाद में भी मटकी फोड़ प्रतियोगिता होगी। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या वे इस्लामाबाद में मटकी फोड़ना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने वहां मटकी फोड़ने के संदर्भ में 'मिसाइल' वाली टिप्पणी की।
बयान के बाद रामेश्वर शर्मा ने दी सफाई
बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी का संबंध भोपाल के काजी कैंप से नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका आशय इस्लामाबाद वाले काजी कैंप से था। विधायक की इस सफाई के बाद भी कांग्रेस ने उनके बयान पर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने पूछा- इस्लामाबाद में काजी कैंप कहां है?
कांग्रेस के मीडिया को-ऑर्डिनेटर अब्बास हाफिज ने रामेश्वर शर्मा की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंटरनेट पर पाकिस्तान में 'काजी कैंप' नाम की कोई जगह दिखाई नहीं देती। उन्होंने पूछा कि विधायक आखिर किस काजी कैंप की बात कर रहे थे।
जातियों में नहीं बंटने की अपील
कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर शर्मा ने हिंदू समाज से जातियों में नहीं बंटने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि जातिगत पहचान से पहले हिंदू और भारतीय होने की पहचान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने देश के लिए समर्पित लोगों के सम्मान और मातृभूमि के प्रति निष्ठा को हर नागरिक का कर्तव्य बताया। फिलहाल रामेश्वर शर्मा के बयान और उसके बाद दी गई सफाई को लेकर मध्यप्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा है, जबकि विधायक अपनी टिप्पणी का आशय इस्लामाबाद से जोड़कर स्पष्ट कर चुके हैं।