जयपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ को सुनने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर सरकार की योजनाओं और प्रयासों की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार राजीविका के माध्यम से महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार और आय के स्थायी अवसर उपलब्ध करा रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
CM भजनलाल शर्मा ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उन्हें अपनी आर्थिक गतिविधियां आगे बढ़ाने के अवसर दिए जा रहे हैं। राजीविका के माध्यम से महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही हैं। सरकार की कोशिश है कि उन्हें प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बाजार से जोड़कर उनकी आय के स्थायी साधन तैयार किए जाएं।
‘लखपति दीदी’ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘लखपति दीदी’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को जमीन पर उतारा जा रहा है। सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो परिवार के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा
CM भजनलाल शर्मा ने स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि Vocal For Local के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ने से महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी तैयार होंगे।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की महिलाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कमी नहीं है। जरूरत है उन्हें सही अवसर और मंच उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सशक्तीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी बनाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें प्रदेश के विकास में सशक्त और सक्रिय भागीदार बनाना है।