चंपावत में आयोजित ‘सशक्त बहना उत्सव’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चंपावत आकर उन्हें अपने परिवार के बीच आने जैसा महसूस होता है। यहां से मिलने वाली ऊर्जा उन्हें प्रदेश के विकास के लिए काम करने की ताकत देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य मातृशक्ति, बहनों और बेटियों की उम्मीदों को पूरा करना है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को प्रदेश की 50 प्रतिशत आबादी यानी महिलाओं की ‘100 प्रतिशत सुरक्षा’ वाला कानून बताया।
महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का लक्ष्य
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की 3 लाख 9 हजार से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही महिलाएं ‘लखपति दीदी’ से आगे बढ़कर ‘करोड़पति दीदी’ बनेंगी।
महिलाओं के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ की महिलाएं मेहनत से कई तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उन्हें बाजार उपलब्ध कराना है। यदि महिलाएं उत्पाद तैयार करें और पूंजी लगाएं, लेकिन उन्हें ग्राहक न मिले तो उनकी मेहनत का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
‘सशक्त बहना उत्सव’ के तहत महिला समूहों के बनाए उत्पादों की बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा रहा है। देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों को एक ही स्थान पर बेचने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, रोडवेज और पर्यटन स्थलों पर भी बिक्री केंद्र बनाए जा रहे हैं।
70 हजार से ज्यादा महिला समूह सक्रिय
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में 70 हजार से अधिक महिला समूह काम कर रहे हैं, जिनसे 5 लाख से ज्यादा परिवार जुड़े हैं। प्रदेश में करीब 8 हजार ग्राम संगठन भी सक्रिय हैं। वर्ष 2023 से 95 विकासखंडों में 4 हजार से ज्यादा स्टॉल लगाए गए, जिनके जरिए 12 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक की बिक्री हुई है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में केवल उत्पाद बनाने का हुनर नहीं, बल्कि उत्तराखंड को आगे ले जाने की ताकत भी है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं गांव से लेकर देश और अंतरिक्ष तक अपनी पहचान बना रही हैं।
चंपावत को आदर्श जिला बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक धूरा और उत्तराखंड की प्रत्येक महिला सशक्त नहीं हो जाती, तब तक सरकार का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चंपावत को आने वाले समय में आदर्श जिला बनाने का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि कई विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि कई योजनाओं पर अभी काम किया जाना बाकी है। उन्होंने महिलाओं से प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।