पंजाब सरकार की मां-बेटी सम्मान योजना राज्य की महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं बन रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में भी देखी जा रही है। योजना के तहत सरकार ने महिलाओं के खातों में 3,000 और 4,500 रुपये की राशि भेजी है। इसके साथ ही पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये तक का मानदेय दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की इस पहल को राज्यभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। योजना का लाभ पाने वाली महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि यह आर्थिक सहयोग उन्हें अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा और परिवार के भीतर उनकी आर्थिक भागीदारी भी मजबूत होगी।
कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने साझा किया वीडियो
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने योजना से जुड़ा एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि मां-बेटी सम्मान योजना के तहत दिया जाने वाला मानदेय केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत पहल है।
उन्होंने कहा कि यह राशि महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में सहयोग देगी। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में महिलाएं इस जनहितैषी योजना के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार व्यक्त कर रही हैं और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी कदम मान रही हैं।
'अब अपने फैसले खुद ले सकेंगे'
ਮਾਵਾਂ-ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ ਮਿਲਣ ਵਾਲੀ ਸਨਮਾਨ ਰਾਸ਼ੀ ਸਿਰਫ਼ ਆਰਥਿਕ ਸਹਾਇਤਾ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦੇ ਸਨਮਾਨ, ਆਤਮ-ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਅਤੇ ਆਤਮ ਨਿਰਭਰਤਾ ਵੱਲ ਇੱਕ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਦਮ ਹੈ। ਇਹ ਰਕਮ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪਰਿਵਾਰ ਦੀ ਜ਼ਿੰਮੇਵਾਰੀ ਨਿਭਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਹਿਯੋਗ ਦੇਵੇਗੀ। CM ਮਾਨ ਦੇ ਇਸ ਲੋਕ-ਹਿਤੈਸ਼ੀ ਉਪਰਾਲੇ ਲਈ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦਿਲੋਂ ਧੰਨਵਾਦ ਕਰ… pic.twitter.com/zTSd752AJR
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) July 8, 2026
साझा किए गए वीडियो में कई महिलाओं ने योजना को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। लाभार्थियों का कहना है कि अब वे इस राशि का उपयोग अपनी जरूरतों और इच्छानुसार कर सकेंगी। इसके लिए उन्हें किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महिलाओं ने इसे अपनी आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया।
उनका मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, बल्कि परिवार के खर्चों में सहयोग देकर उनकी भूमिका को भी और मजबूत बनाएगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का संदेश
इससे पहले योजना के तहत सम्मान राशि जारी करते समय मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया था कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को अमीर बनाना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा था कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला ही परिवार और समाज को मजबूती प्रदान कर सकती है।
सरकार का दावा है कि मां-बेटी सम्मान योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ उन्हें अपने फैसले स्वयं लेने का आत्मविश्वास भी प्रदान करेगी। यही वजह है कि इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।