पंजाब में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी पारा चढ़ने लगा है। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। पंजाब कांग्रेस प्रभारी और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर प्रशासनिक मोर्चे पर विफल रहने और चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है।
पायलट ने कहा कि संवेदनशील बॉर्डर स्टेट पंजाब को संभालने में आप सरकार की नाकामी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था और ड्रग्स की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने में भी विफल रही है।
‘साढ़े चार साल बाद भी प्रशासनिक मोर्चे पर विफल’
सचिन पायलट ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे सत्ता संभाले करीब साढ़े चार साल हो चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक मोर्चे पर उसकी विफलता साफ नजर आती है। उनके मुताबिक, पंजाब के लोग सरकार में कथित भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और ड्रग्स की समस्या से परेशान हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार कुछ कट्टरपंथी तत्वों की वापसी की कोशिशों को रोकने में नाकाम रही है। पायलट ने कहा कि पंजाब की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए ऐसे मुद्दों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
AAP-BJP के बीच ‘डील’ का लगाया आरोप

पायलट ने आम आदमी पार्टी की बीजेपी से मुकाबला करने की क्षमता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि आप की लगभग पूरी संसदीय पार्टी पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुकी है। साथ ही उन्होंने AAP और BJP के बीच संभावित समझौते तथा नेताओं के पाला बदलने की चर्चाओं का भी जिक्र किया।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, पंजाब सरकार का पूरा ध्यान अब किसी तरह आप नेतृत्व को बचाने पर केंद्रित है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता एक बार फिर कांग्रेस की ओर उम्मीद से देख रही है।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस के पास शासन, विकास तथा किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि पार्टी की प्राथमिकता पंजाब में उद्योगों को दोबारा स्थापित करना और राज्य की खोई हुई शान वापस लाना है।
पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी पर भी बोले पायलट
पंजाब कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने की मांग पर भी पायलट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ मतभेद हो सकते हैं, लेकिन चुनाव में अब कुछ ही महीने बचे हैं और राज्य कांग्रेस की ज्यादातर कमेटियां गठित की जा चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि राजा वडिंग के अलावा चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा समेत कांग्रेस के अलग-अलग धड़ों के नेताओं ने उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है और उनसे बातचीत भी की है।
अकाली दल-BJP गठबंधन पर भी निशाना
बीजेपी और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर पायलट ने कहा कि दोनों दलों के दोबारा साथ आने की चर्चा चुनाव से पहले उनकी हताशा को दर्शाती है। उन्होंने कट्टरपंथी तत्वों की वापसी और AAP-BJP के संभावित समझौते को लेकर भी सवाल उठाए।