पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और मोहाली स्थित PCA क्रिकेट स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय को मिले एक धमकी भरे ई-मेल के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई महत्वपूर्ण स्थानों पर जांच शुरू कर दी है। धमकी की सूचना मिलते ही सुरक्षा टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया। मुख्यमंत्री से जुड़े परिसरों के अलावा PCA स्टेडियम की भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। बम निरोधक दस्ते और अन्य विशेषज्ञ टीमों की मदद से परिसर में तलाशी अभियान चलाया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजा गया ई-मेल
जानकारी के मुताबिक, धमकी भरा ई-मेल सोमवार सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय की आधिकारिक मेल पर भी प्राप्त हुआ। ई-मेल में मुख्यमंत्री भगवंत मान, चंडीगढ़ विधानसभा और PCA स्टेडियम समेत कई स्थानों का जिक्र किया गया है। मेल में 13 सितंबर तक PCA स्टेडियम में क्रिकेट मैच देखने नहीं जाने की धमकी दी गई है। साथ ही मोबाइल और बैटरी से जुड़े बम का दावा किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल इन दावों की जांच कर रही हैं और ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश में जुटी हैं।
स्टेडियम की सुरक्षा बढ़ाई गई
मोहाली के PCA स्टेडियम में हाल ही में पंजाब सरकार की ओर से आईपीएल की तर्ज पर आयोजित 'शेरे पंजाब' क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत हुई है। धमकी के बाद स्टेडियम की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा टीमों ने स्टेडियम और आसपास के इलाकों में जांच की। किसी भी संदिग्ध वस्तु की मौजूदगी की पुष्टि के लिए बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
पंजाब में मुख्यमंत्री और महत्वपूर्ण सरकारी या सार्वजनिक स्थानों को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग मौकों पर धमकी भरे संदेश सामने आते रहे हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस ई-मेल की तकनीकी जांच कर रही हैं। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हैं। एजेंसियां ई-मेल में किए गए दावों की भी अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही हैं।
ई-मेल में आपत्तिजनक दावे
धमकी भरे संदेश में अलगाववादी विचारधारा और एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े संदर्भों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री, विधानसभा और क्रिकेट स्टेडियम को लेकर धमकी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि ई-मेल वास्तव में किसी संगठित समूह की ओर से भेजा गया है या किसी व्यक्ति ने डर और अफरा-तफरी पैदा करने के इरादे से यह संदेश भेजा है। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ई-मेल की जांच और तलाशी अभियान के बाद ही धमकी की वास्तविकता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।