हल्द्वानी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का बुधवार रात अलग अंदाज देखने को मिला। दिनभर बैठकों और राजनीतिक कार्यक्रमों के बाद वे नैनीताल रोड स्थित एक टर्फ ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने टी-शर्ट पहनकर Gen-Z युवाओं के साथ फुटबॉल खेला और उनसे सीधे संवाद भी किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल और जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट भी मौजूद रहे। फुटबॉल के मैदान पर युवाओं के साथ नितिन नवीन की यह मौजूदगी पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों से अलग नजर आई।
यूसीसी को लेकर धामी सरकार की तारीफ
हल्द्वानी में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार को बधाई दी।उन्होंने सरकार की ओर से महिलाओं को सरकारी सेवाओं में आरक्षण, सहकारी समितियों में भागीदारी, शहीदों के आश्रितों के लिए सहायता और होम-स्टे जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया।नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विश्वास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है।
धामी बोले- संवाद कार्यक्रमों से संगठन को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के साथ अलग-अलग वर्गों के सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम भी किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पूर्व सैनिकों, युवाओं और पंजाबी-सिख समाज के लोगों से भी संवाद करेंगे।धामी ने कहा कि नितिन नवीन जब भी उत्तराखंड आते हैं, कार्यकर्ताओं में उत्साह और नई ऊर्जा का माहौल बनता है। उनके दो दिवसीय प्रवास से पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी।
बनभूलपुरा अतिक्रमण पर भी बोले मुख्यमंत्री
बनभूलपुरा में अतिक्रमण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपना पक्ष पहले ही न्यायालय के सामने रख चुकी है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण को लेकर सरकार ने अदालत में अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है।धामी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए अतिक्रमण को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अब न्यायालय भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पार्टी संगठन अलग-अलग सामाजिक समूहों के साथ संवाद पर जोर दे रहा है। ऐसे में युवाओं के बीच उनकी मौजूदगी और विभिन्न वर्गों के साथ प्रस्तावित संवाद पर पार्टी की गतिविधियों की नजर रहेगी।