नरसिंहपुर जिले से शासन-प्रशासन के दावों को आईना दिखाती तस्वीरें सामने आई हैं। बारिश के बाद बदहाल रास्तों ने स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं बच्चे कीचड़ और दलदल से होकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं, तो कहीं तेज रफ्तार वाहनों वाले हाईवे का खतरा उनकी राह में खड़ा है। हालात से परेशान बच्चे आखिरकार अपनी यूनिफॉर्म में ही कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए।
दलदल बना 3 किलोमीटर का रास्ता
रम्पुरा से केरपानी के बीच करीब 3 किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गया है। इस रास्ते से रोजाना स्कूली बच्चों को गुजरना पड़ता है। फिसलन के कारण बच्चों के गिरने और कपड़े खराब होने का खतरा बना रहता है। लगातार परेशानी से परेशान छात्र-छात्राएं अपनी समस्या बताने कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
यूनिफॉर्म में बच्चों ने लगाई गुहार
बच्चों का कहना है कि उन्हें रोज इसी बदहाल रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में रास्ता इतना खराब हो जाता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। हादसे के डर के बावजूद पढ़ाई के लिए बच्चों को घर से निकलना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर बच्चों ने प्रशासन से रास्ते को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की।
8 किलोमीटर हाईवे का भी खतरा
दूसरी तस्वीर करेली जनपद पंचायत क्षेत्र के सुआतला से अमथनू मार्ग की है। यहां करीब ढाई किलोमीटर सड़क लंबे समय से पक्की होने का इंतजार कर रही है। यह रास्ता करीब 7 से 8 गांवों को जोड़ता है और बारिश के दौरान इसकी हालत बेहद खराब हो जाती है। वैकल्पिक रास्ता करीब 8 किलोमीटर लंबा है, जो नेशनल हाईवे से होकर गुजरता है।
दलदल या तेज रफ्तार वाहन… दोहरी मुश्किल
हाईवे वाले रास्ते पर तेज रफ्तार वाहनों का खतरा बना रहता है। खासकर स्कूली बच्चों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा है। ऐसे में बच्चे और ग्रामीण मजबूरी में कीचड़ भरे छोटे रास्ते से ही आवागमन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण होने से बच्चों और आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों ने समस्या का संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि बच्चों की यह परेशानी कब खत्म होती है और बदहाल रास्तों की जगह उन्हें सुरक्षित सड़क कब मिलती है।