द्रीनाथ धाम में भगवान नर-नारायण का दो दिवसीय जन्मोत्सव रविवार से शुरू हो गया। पहले दिन मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान नर-नारायण की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही धाम में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला।
विशेष पूजन
रावल जी ने भगवान नर-नारायण का अभिषेक और विशेष पूजन किया। इसके बाद उत्सव डोली को सजाकर माता मूर्ति मंदिर के लिए रवाना किया गया। माता मूर्ति मंदिर पहुंचने पर भगवान नर-नारायण ने माता मूर्ति देवी के दर्शन किए और कुछ समय उनके सानिध्य में विराजमान रहे। श्रद्धालुओं ने भी भगवान नर-नारायण और माता मूर्ति देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
डोली पहुंची मंदिर
माता मूर्ति मंदिर में नायब रावल ने भगवान बदरीनाथ, माता मूर्ति देवी और भगवान नर-नारायण का विधिवत पूजन किया। पुजारियों और तीर्थ पुरोहितों ने भी धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। पूजन के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया और श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान के दर्शन किए।
आज लीला ढूंगी
जन्मोत्सव के दूसरे दिन भगवान नर-नारायण की उत्सव डोली बदरीनाथ धाम से बामणी गांव स्थित लीला ढूंगी ले जाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसे भगवान नर-नारायण का जन्मस्थान माना जाता है। यहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
विष्णु के अवतार
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान नर-नारायण को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। बदरीनाथ क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं में नर-नारायण का विशेष महत्व है। जन्मोत्सव के दौरान हर साल उत्सव डोली को विभिन्न धार्मिक स्थलों तक ले जाकर परंपरागत पूजा-अर्चना की जाती है।