उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लखनऊ में UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान पशुधन से प्राप्त गोबर के नवोन्मेषी और वैज्ञानिक उपयोग के साथ गो-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था पर विस्तार से बात की गई। पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देश के प्रख्यात वैज्ञानिकों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रदेश में विकसित हो रहे गो-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था के मॉडल पर चर्चा की।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा
CM योगी ने कहा कि गांवों और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए इस तरह के नवाचारों और वैज्ञानिक प्रयोगों से सीखना जरूरी है। बैठक में पशुधन से प्राप्त गोबर के वैज्ञानिक और नवोन्मेषी उपयोग पर विचार-विमर्श किया। इसमें जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर बात हुई। देश के प्रख्यात वैज्ञानिकों ने भी अपने सुझाव साझा किए गए।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय @myogiadityanath जी से पशुधन से प्राप्त गोबर के नवोन्मेषी एवं वैज्ञानिक उपयोग से संबंधित विषय पर देश के प्रख्यात वैज्ञानिकों के साथ भेंट एवं सार्थक चर्चा हुई।…
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) July 13, 2026
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कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में काम
पूर्व CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गो-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बन सकती है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अनुभवों से सीख लेकर उन्हें व्यापक स्तर पर अपनाने की बात कही।