मध्य प्रदेश के बालाघाट के बैगा बाहुल्य इलाकों में पिछले दो महीने से फैली बीमारी को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। बोंदारी, कुंडेकसा, मातला, मछुरदा, कोरका समेत कई गांवों में बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। अब पुणे भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट में बच्चों में मीजल्स यानी खसरा संक्रमण की पुष्टि हुई है।
ICMR की जांच में मीजल्स की पुष्टि
आईसीएमआर और अन्य संस्थानों की जांच में प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों में मीजल्स संक्रमण पाया गया। जांच में खास तौर पर नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे पहले बीमारी की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे रहस्यमयी बीमारी माना जा रहा था।
जून से सामने आ रहे थे बीमारी के लक्षण
बैगा अंचल के गांवों में जून महीने से ही बच्चों में मलेरिया, सर्दी-खांसी, वायरल, शरीर पर दाने, त्वचा में खुजली और खून की कमी जैसे लक्षण सामने आ रहे थे। अगस्त में बीमारी ने गंभीर रूप ले लिया और करीब दो महीने के दौरान अलग-अलग गांवों में 19 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई।
2780 लोगों की हुई जांच
स्वास्थ्य विभाग ने तीन ग्राम पंचायतों के 11 गांवों में व्यापक स्वास्थ्य सर्वे कराया। इस दौरान करीब 2,780 लोगों की जांच** की गई। इनमें 236 मलेरिया, 116 दस्त, 160 चर्म रोग और 101 दाने के साथ बुखार से पीड़ित मरीज मिले। गांवों में अस्थायी अस्पताल बनाकर इलाज शुरू किया गया।
बड़ी संख्या में बच्चों का इलाज
बालाघाट जिला अस्पताल में 152 बच्चों को भर्ती कराया गया, जबकि बिरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब 250 मरीजों का उपचार किया गया। अधिकांश मरीज ठीक होने के बाद घर लौट चुके हैं। भर्ती मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन के मुताबिक अब स्थिति नियंत्रण में है।
खतरनाक वायरस की जांच निगेटिव
बैगा बच्चों के सैंपल पुणे के एनआईवी भेजे गए थे। जांच में चांदीपुरा वायरस, वेस्ट नाइल फीवर और जापानीज इंसेफेलाइटिस वायरस समेत कई अन्य वायरस निगेटिव पाए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर बच्चों की मौत के प्रमुख कारणों में मलेरिया और मीजल्स संक्रमण सामने आया है।
20 अगस्त से विशेष टीकाकरण अभियान
स्थिति को देखते हुए राज्य स्तरीय दल ने विशेष कार्ययोजना तैयार की है। 20 से 25 अगस्त तक बैहर, बिरसा और परसवाड़ा विकासखंडों में एमआर कैचअप राउंड चलाया जाएगा। इसमें 9 महीने से 10 वर्ष तक के सभी बच्चों को मीजल्स-रूबेला वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जाएगी। प्रशासन अब प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग कर रहा है।