उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर मंदिर में इस बार भी रक्षाबंधन पर्व विशेष धार्मिक परंपरा और भव्यता के साथ मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बाबा महाकाल को सवा लाख मोदक-लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। मंदिर में इस आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। महाकाल मंदिर के पुजारी परिवार की ओर से हर वर्ष यह परंपरा श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निभाई जाती है। इस बार भी आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। महाभोग तैयार करने की प्रक्रिया विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार शुरू की गई है।
भट्टी पूजन के साथ शुरू हुआ महाभोग का निर्माण
सवा लाख लड्डुओं के महाभोग की तैयारी की शुरुआत विधि-विधान से भट्टी पूजन के साथ की गई। मंदिर के पुजारियों ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के बाद अपने हाथों से पहला लड्डू तैयार किया। इसके साथ ही महाभोग निर्माण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। पुजारी परिवार की ओर से इसे बाबा महाकाल के प्रति भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस विशाल आयोजन को पूरा करने के लिए कई कुशल हलवाई और कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। बताया गया है कि लड्डुओं के निर्माण का कार्य करीब तीन दिनों तक लगातार चलेगा, ताकि रक्षाबंधन के दिन निर्धारित समय पर बाबा महाकाल को महाभोग अर्पित किया जा सके।
15 क्विंटल बेसन और 10 क्विंटल घी का इस्तेमाल
सवा लाख लड्डुओं के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इसमें करीब 15 क्विंटल बेसन, 10 क्विंटल शुद्ध घी और 15 क्विंटल शक्कर भूरा शामिल है। इसके अलावा लगभग 2 क्विंटल मेवे यानी ड्राई फ्रूट्स और इलायची का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इतनी बड़ी मात्रा में लड्डुओं के निर्माण के दौरान सामग्री की गुणवत्ता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मंदिर की धार्मिक परंपरा के अनुरूप महाभोग तैयार करने में पवित्रता और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है। कई कर्मचारी और हलवाई मिलकर इस विशाल प्रसादी को तैयार करने में जुटे हैं।
भस्म आरती और महाआरती में अर्पित होगा महाभोग
रक्षाबंधन के दिन बाबा महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना के दौरान सवा लाख लड्डुओं का महाभोग अर्पित किया जाएगा। भस्म आरती और महाआरती के दौरान बाबा महाकाल को यह विशेष प्रसाद समर्पित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता और मंदिर की परंपरा के अनुसार रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा महाकाल को यह भव्य महाभोग अर्पित करना विशेष महत्व रखता है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह है। तीन दिनों तक चलने वाली तैयारियों के बाद जब सवा लाख लड्डुओं का महाभोग बाबा महाकाल के चरणों में समर्पित होगा, तो यह आयोजन भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का विशेष अवसर बनेगा।