भोपाल। मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा में हुए जहरीली शराबकांड को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से चर्चा के दौरान सिंघार ने दावा किया कि जहरीली शराब उत्तर प्रदेश से नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के धार जिले से आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में शासन-प्रशासन के बड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
‘मध्यप्रदेश में हिंदू सबसे ज्यादा खतरे में’
उमंग सिंघार ने भाजपा और हिंदू संगठनों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बाद अगर कहीं हिंदू सबसे ज्यादा खतरे में हैं, तो वह मध्यप्रदेश है। उन्होंने इंदौर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मुरैना और सागर में हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि सागर में जहरीली शराब से सबसे ज्यादा मौतें लोधी समाज के लोगों की हुई हैं। सिंघार ने सवाल किया कि इतने बड़े हादसे के बाद RSS और VHP का कोई नेता पीड़ित परिवारों के बीच क्यों नहीं पहुंचा।
*प्रह्लाद पटेल और उमा भारती की चुप्पी पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन संगठनों और नेताओं की ओर से हिंदू हितों की बात की जाती है, उन्हें सागर की घटना में पीड़ित परिवारों की आवाज उठानी चाहिए थी। सिंघार ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
अधिकारियों और शराब ब्रांड्स पर लगाए आरोप
सिंघार ने प्रशासनिक साठगांठ का आरोप लगाते हुए एसपी अनुराग सुजानिया और आबकारी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना और संजय दुबे का नाम लेते हुए पूछा कि डिस्टिलरी में मिथेनॉल कैसे पहुंचा। सिंघार ने दावा किया कि ‘रॉयल ब्रांड’ और ‘सागर गोल्ड’ शराब से लोगों की मौत हुई, जबकि प्रशासन ने कुछ ही घंटों में सागर गोल्ड को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने प्रतिबंध का आदेश जारी होने और बाद में वापस लिए जाने पर भी सवाल उठाया।
4 लाख के मुआवजे को बताया नाकाफी
उमंग सिंघार ने सरकार की ओर से घोषित 4 लाख रुपये के मुआवजे को अपर्याप्त बताया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही दावा किया कि स्थानीय कांग्रेस संगठन ने पहले ही अवैध शराब को लेकर शिकायत की थी, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई।
‘जनता की जान की कीमत तय करे सरकार’
सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर जहरीली शराब की सप्लाई चेन, अधिकारियों की भूमिका और कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद देने की मांग की।