मध्य प्रदेश में इस सीजन स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण से पहली मौत का मामला सामने आया है। इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में इलाज के दौरान उज्जैन निवासी 60 वर्षीय महिला की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने महिला के H1N1 से संक्रमित होने की पुष्टि की है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है।
31 जुलाई को बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, उज्जैन निवासी सरोज नागर की तबीयत 31 जुलाई को अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते जांच कराई।
3 अगस्त को H1N1 संक्रमण की पुष्टि
महिला की जांच रिपोर्ट 3 अगस्त को सामने आई, जिसमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें इंदौर के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कर इलाज जारी रखा गया। करीब 16 दिनों तक चले उपचार के बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हो सका और उनकी मौत हो गई।

स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
प्रदेश में स्वाइन फ्लू से पहली मौत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने मामले की निगरानी बढ़ाते हुए संक्रमण को लेकर जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब महिला के संपर्क में आए लोगों और संक्रमण से जुड़ी परिस्थितियों पर भी नजर रख रहा है, ताकि संभावित संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
बदलते मौसम में सावधानी की सलाह
H1N1 संक्रमण से इस सीजन की पहली मौत सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। बदलते मौसम के बीच लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों और अन्य जोखिम वाले लोगों को स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।