मध्यप्रदेश पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। गृह विभाग ने सीनियर IPS अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार से जुड़े आदेश जारी किए हैं। 1998 बैच के IPS अधिकारी अंशुमन यादव को नया ADG इंटेलिजेंस यानी गुप्तवार्ता बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें ADG साइबर, पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
अंशुमन यादव को मिली अहम जिम्मेदारी
अंशुमन यादव अब तक खेल एवं युवक कल्याण विभाग के संचालक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सरकार ने उन्हें इस पद से वापस बुलाकर पुलिस की बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली इंटेलिजेंस शाखा की कमान सौंपी है। साइबर से जुड़ी जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी।
साईं मनोहर के रिटायरमेंट से पहले बदलाव
वर्तमान ADG इंटेलिजेंस ए. साईं मनोहर 1995 बैच के IPS अधिकारी हैं और 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनके रिटायरमेंट से ठीक पहले सरकार ने इंटेलिजेंस की कमान अंशुमन यादव को सौंपने का आदेश जारी किया है।
चंचल शेखर अब संभालेंगे खेल विभाग
1995 बैच के IPS अधिकारी चंचल शेखर को SAF के ADG पद से हटाकर खेल एवं युवक कल्याण विभाग का नया संचालक बनाया गया है। उनकी सेवाएं अब खेल विभाग को सौंपी गई हैं। वे अंशुमन यादव की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
SAF से जुड़ा था भर्ती विवाद
चंचल शेखर के SAF ADG रहते हुए पुलिस कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती को लेकर विवाद सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर पैसे लेकर सीट दिए जाने के आरोपों ने सवाल खड़े किए थे। इसके बाद अब तबादला आदेश में चंचल शेखर का नाम SAF से हटाए जाने को लेकर भी चर्चा है।
अनिल कुमार को AJAK का अतिरिक्त प्रभार
1993 बैच के IPS अधिकारी अनिल कुमार, जो वर्तमान में स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा हैं, उन्हें अपने मौजूदा दायित्व के साथ स्पेशल डीजी AJAK, पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
श्रीनिवास वर्मा को SAF और SISF की कमान
1997 बैच के IPS अधिकारी डी. श्रीनिवास वर्म वर्तमान में ADG नारकोटिक्स और ADG STF की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें चंचल शेखर की जगह ADG विशेष सशस्त्र बल यानी SAF और SISF का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
कई अहम जिम्मेदारियों में बदलाव
ताजा आदेश के बाद मध्यप्रदेश पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। खास तौर पर इंटेलिजेंस, साइबर, SAF, SISF और AJAK जैसे महत्वपूर्ण विभागों में हुए बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।