लोगों की जिंदगी को किसी भी कीमत पर बचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी का एक और उदाहरण आज मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेश किया। दरअसल, उज्जैन के असनोरिया क्षेत्र के रहने वाले 5 महीने के बच्चे यथार्थ सिंह की स्थिति गंभीर है। उनकी हालत को देखते हुए सीएम डॉ. यादव ने उन्हें ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ के माध्यम से बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु के नारायणा अस्पताल भेजा है।
यथार्थ हृदय रोग से पीड़ित
बता दे कि 5 महीने का यथार्थ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है। उसका इलाज इंदौर के एक अस्पताल में चल रहा था। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अति मुश्किल परिस्थितियों में राज्य सरकार सभी जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ी है। गंभीर बीमारी से पीड़ित बालक यथार्थ का उपचार आयुष्मान निरामय योजना के अंतर्गत निःशुल्क करवाया जाएगा, ताकि राणावत परिवार के आंगन में मुस्कान लौट आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से प्रार्थना की है कि यथार्थ पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर जल्द से जल्द अपने घर लौट आए।
सनोरिया, उज्जैन में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 5 माह के मासूम यथार्थ सिंह राणावत को आज ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ के माध्यम से इंदौर से नारायणा अस्पताल, बेंगलुरु उपचार के लिए भेजा गया।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 12, 2026
यथार्थ का उपचार आयुष्मान निरामय योजना के अंतर्गत निःशुल्क कराया जाएगा। ईश्वर से प्रार्थना… pic.twitter.com/0tqhfMmYDP
स्वास्थ्य नीति का सशक्त उदाहरण
गौरतलब है कि, पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा प्रदेश सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति का सशक्त उदाहरण है। इसके जरिये गंभीर रूप से बीमार और आपातकालीन मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों के लिए यह सुविधा फ्री है। इस तरह सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक स्थिति उपचार में बाधा न बने। पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा राज्य की एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है।

गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट
पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा के अंतर्गत भोपाल से पूरे प्रदेश के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपातकालीन चिकित्सा परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। यह व्यवस्था गंभीर रोगियों को कम से कम समय में उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही है। जिन गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर उपचार उपलब्ध कराया गया उनमें नवजात शिशु, वरिष्ठ नागरिक, सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीज, हार्ट अटैक वाले मरीज, न्यूरोलॉजिकल तनाव से जूझ रहे मरीज और अंग प्रत्यारोपण वाले मरीज शामिल हैं।