मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम के एक्टिव होने से उत्तरी हिस्से में भारी बारिश का दौर जारी है। कई जिलों में लगातार बारिश के चलते नदियां और डैम उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। श्योपुर में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक नजर आ रही है। यहां गुप्तेश्वर मंदिर पानी में डूब गया है। वहीं सेमल्दा का रास्ता बंद हो गया है। विजयपुर सब्जी मंडी में पानी भरने से कई दुकानें भी जलमग्न हो गई हैं।
शहर के बीच रौद्र रूप में बह रही अमराल नदी
श्योपुर में अमराल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी शहर के बीच से रौद्र रूप में बह रही है। कूनो नदी का पानी रेशम कॉलोनी की बस्ती में घुस गया है। इसके अलावा क्वारी नदी खतरे के निशान तक पहुंच गई है। कदवाल नदी का पानी किला गेट तक पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
आवदा डैम ओवरफ्लो, 4 गेट खोले
लगातार बारिश के कारण आवदा डैम पूरी तरह भर चुका है और ओवरफ्लो हो रहा है। सुरक्षा को देखते हुए डैम के चार गेट खोल दिए गए हैं। वहीं हरसी डैम भी वेस्ट वियर से करीब डेढ़ फीट ऊपर बह रहा है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
बांधों से छोड़ा जा रहा लाखों लीटर पानी
टीकमगढ़ में बान सुजारा बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में 668 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है। शिवपुरी का मड़ीखेड़ा डैम भी 90.49 प्रतिशत भर चुका है। जलस्तर बढ़ने के बाद इसके चार गेट खोल दिए गए हैं। इससे नदी किनारे बसे इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है।
19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 19 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं। लोगों से नदी, नाले और डैम के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।
7 जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए शनिवार को श्योपुर, शिवपुरी, गुना, मुरैना, रायसेन, भिंड और ग्वालियर में स्कूल बंद रखे गए हैं। अलग-अलग जिलों में नर्सरी से आठवीं या नर्सरी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। कई स्थानों पर आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं।
CM बोले- 2,783 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष पहुंचकर बारिश और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बीते एक महीने में आपदा प्रबंधन टीमों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।