रक्षाबंधन के अगले दिन 29 अगस्त 2026, शनिवार को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान आयोजित किया जाएगा। इस बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट जिले में मौजूद रहेंगे। अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान करना और सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा करना है।
अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद अभियान को लेकर सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि अभियान के दौरान जनसमस्याओं के समाधान और शासकीय संस्थानों के निरीक्षण को प्राथमिकता दी जाए।
शिकायतों का मुख्यमंत्री के होगा समाधान
बालाघाट में आयोजित अभियान के दौरान जिला स्तरीय समाधान ऑनलाइन में पहले से चिन्हित शिकायतों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इन शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित मामलों के समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के त्वरित निराकरण की उम्मीद है।
मीडिया और उद्योग जगत से भी संवाद
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान मीडिया और उद्योग संवाद भी आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिले और क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं के साथ-साथ विकास कार्यों और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर संबंधित पक्षों से सीधे बातचीत करना है। संवाद के जरिए सरकार जमीनी स्तर की चुनौतियों और सुझावों को समझेगी।
सभी जिलों में एक साथ अभियान
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सिर्फ बालाघाट ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के सभी जिलों में 29 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान आयोजित किया जाए। जिला स्तर पर अधिकारी आम लोगों की समस्याओं, विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
छात्रावास और आश्रमों का निरीक्षण जरूरी
अभियान के दौरान आवासीय विद्यालय, आश्रम, छात्रावास और अन्य शासकीय आवासीय संस्थानों का निरीक्षण अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों को इन संस्थानों की व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति देखने और वहां रहने वाले छात्र-छात्राओं से बातचीत करने के निर्देश दिए गए हैं।
युवाओं से सीधे संवाद पर जोर
अधिकारियों को निर्देश है कि छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को सीधे समझा जाए। इस दौरान शिक्षा, रहने की व्यवस्था, भोजन, सुविधाओं और अन्य जरूरी विषयों पर फीडबैक लिया जा सकता है। सरकार का फोकस सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और जनता का भरोसा मजबूत करने पर रहेगा।