मध्य प्रदेश चीता प्रोजेक्ट मामला

चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर को राज्य सूचना आयोग का नोटिस, RTI में जानकारी नहीं देने पर मांगा जवाब

मध्य प्रदेश के चीता प्रोजेक्ट में सूचनाएं न देने पर राज्य सूचना आयोग ने कड़े कदम उठाए हैं। डायरेक्टर उत्तम शर्मा को जवाबदेही के लिए तलब किया गया।

चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर को राज्य सूचना आयोग का नोटिस, RTI में जानकारी नहीं देने पर मांगा जवाब

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उत्तम शर्मा को तलब कर जवाब मांगा है। मामला वर्ष 2024 में चीतों को बेहोश करने की अनुमति, ब्लड टेस्ट, घायल चीतों की सर्जरी के बाद की रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध नहीं कराने से जुड़ा है। इस मामले की सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त राजेश भट्ट ने आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे की शिकायत पर की।

इन जानकारियों को लेकर उठे सवाल

आरटीआई के माध्यम से कूनो नेशनल पार्क में चीतों के इलाज और प्रबंधन से जुड़ी कई जानकारियां मांगी गई थीं। इनमें चीतों को बेहोश करने की अनुमति, मेडिकल जांच, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घायल चीतों के ऑपरेशन के बाद की स्थिति, कूनो नेशनल पार्क में निर्माण कार्यों में इस्तेमाल खनिज सामग्री, चीता प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्यूमेंट्री की अनुमति, तथा चीता अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और डॉक्टरों की जानकारी शामिल थी।

वन विभाग ने सूचना देने से किया इनकार

वन विभाग ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(a) और 8(1)(j) का हवाला देते हुए इन जानकारियों को देने से इनकार कर दिया। विभाग का तर्क था कि मांगी गई सूचनाएं सुरक्षा और निजी जानकारी से संबंधित हैं। वहीं, कुछ सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित शुल्क जमा कराने की भी बात कही गई।

RTI नियमों के उल्लंघन का आरोप

शिकायतकर्ता अजय दुबे ने आयोग के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि चीता प्रोजेक्ट डायरेक्टर उत्तम शर्मा ने वर्ष 2024 से अब तक आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया। उनका आरोप है कि उन्होंने स्वयं ही लोक सूचना अधिकारी (PIO) और प्रथम अपीलीय अधिकारी की भूमिका निभाते हुए निर्णय पारित किए, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।

जुर्माना और विभागीय जांच की मांग

याचिकाकर्ता ने आयोग से डायरेक्टर पर जुर्माना लगाने, विभागीय जांच कराने और क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। फिलहाल राज्य सूचना आयोग ने चार में से तीन मामलों में डायरेक्टर उत्तम शर्मा को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। अब अगली सुनवाई में आयोग उनके पक्ष को सुनने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा।

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