देहरादून। उत्तराखंड के सेलाकुई स्थित सेंट्रल होप टाउन के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। करीब 8 से 10 साल से लंबित खतौनी अब ऑनलाइन भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। कुल 1,188 खातों को डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जिससे क्षेत्र की करीब 25 से 30 हजार आबादी को फायदा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद 45 दिन में पूरा हुआ काम
सेंट्रल होप टाउन में बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण लंबे समय से खतौनी ऑनलाइन नहीं हो पा रही थी। मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने पहुंचने के बाद उन्होंने अधिकारियों को इसे दो महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए थे।प्रशासन ने तय समय सीमा से पहले ही काम पूरा कर लिया। 25 अगस्त को 1,188 खातों की खतौनी भूलेख पोर्टल पर ऑनलाइन कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश के करीब 45 दिन के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी हुई।
दाखिल-खारिज से लेकर बैंक लोन तक में मिलेगी राहत
ऑनलाइन खतौनी उपलब्ध नहीं होने से लोगों को जमीन से जुड़े छोटे-बड़े कामों के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। दाखिल-खारिज, विरासत दर्ज कराने और जमीन के आधार पर बैंक लोन लेने जैसे काम प्रभावित होते थे।इसके अलावा स्थायी निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसे कार्यों में भी भूमि रिकॉर्ड की जरूरत पड़ने पर लोगों को परेशानी होती थी।
11 जुलाई को मुख्यमंत्री के सामने उठा था मुद्दा
बीते 11 जुलाई को 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने सेंट्रल होप टाउन की खतौनी ऑनलाइन नहीं होने का मुद्दा उठाया था।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समस्या का समाधान करने और दो महीने के भीतर ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी कर रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से भूलेख प्रणाली में दर्ज किया गया।
अब घर बैठे देख सकेंगे जमीन का रिकॉर्ड
खतौनी ऑनलाइन होने के बाद लोगों को हर बार राजस्व कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वे भूलेख पोर्टल के जरिए घर बैठे अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख और प्राप्त कर सकेंगे।स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से जमीन से जुड़े लंबित कामों के साथ-साथ बैंकिंग और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी।