झारखंड के शहरों में सड़क किनारे कारोबार करने वाले फुटपाथी दुकानदारों को अब व्यवस्थित जगह देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्देश दिया है कि शहरों के हर वार्ड में जरूरत के हिसाब से वेंडर मार्केट विकसित किए जाएं। सरकार का मानना है कि इससे सड़क किनारे होने वाली अनियोजित वेंडिंग को व्यवस्थित करने के साथ-साथ यातायात और जाम की समस्या को भी कम किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग और पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं को प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

वेंडर्स की आजीविका भी रहेगी सुरक्षित
हेमंत सोरेन ने सड़क किनारे ठेला, गुमटी और दूसरे छोटे कारोबार के जरिए आजीविका चलाने वाले वेंडर्स को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया में वेंडर्स की रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्हें सम्मानजनक और सुविधाजनक वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए।
हर वार्ड में स्थानीय जरूरत के मुताबिक वेंडर मार्केट विकसित होने से सड़क किनारे लगने वाले अनियोजित बाजारों और दुकानों से होने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सड़क बने तो ड्रेनेज की भी हो व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण को केवल सड़क तक सीमित रखने के बजाय उसके साथ जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़क की मूल डिजाइन में ही ड्रेनेज सिस्टम को शामिल किया जाए।
सड़कों के दोनों किनारों पर जल निकासी के साथ पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह रखने को कहा गया है। बारिश के दौरान जलजमाव वाले इलाकों की पहचान कर वहां प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। पहले से बनी सड़कों पर जल निकासी की समस्या होने पर तकनीकी अध्ययन के बाद आवश्यक सुधार करने को कहा गया है।
ट्रैफिक सुधारने के लिए अनावश्यक कट होंगे बंद
रांची की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सड़कों पर बने अनावश्यक कटों की पहचान कर उन्हें बंद करने का निर्देश दिया गया। वाहनों को निर्धारित चौक-चौराहों से सुरक्षित तरीके से मोड़ने की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा शहर में संचालित बसों की संख्या, उनके रूट और समय-सारणी का व्यवस्थित डेटा तैयार करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को बेहतर तरीके से संचालित करना और यातायात पर अनावश्यक दबाव कम करना है।
लटकते तार और सरकारी जमीन पर कब्जे पर भी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्थित तरीके से लटके बिजली, टेलीकॉम और अन्य केबल तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। अनुपयोगी तारों को चिन्हित कर हटाने और इस्तेमाल हो रहे तारों को सुरक्षित तरीके से लगाने को कहा गया है।
इसके साथ ही सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
सिर्फ रांची नहीं, दूसरे शहर भी होंगे आधुनिक
बैठक में रांची के रोड नेटवर्क, फ्लाईओवर, पार्क, चौक-चौराहों, ट्रैफिक, ड्रेनेज और चल रही विकास परियोजनाओं की समीक्षा की गई। रांची के मास्टर प्लान और आने वाले वर्षों की विकास योजना पर भी चर्चा हुई।
हेमंत सोरेन ने कहा कि शहरी विकास का दायरा केवल रांची तक सीमित नहीं रहना चाहिए। झारखंड के अन्य प्रमुख शहरों को भी सुनियोजित और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए। इसके लिए शहरों को स्थानीय जरूरतों और आबादी के आधार पर जोन में बांटकर विकास की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।