भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश, खासकर इसकी आर्थिक राजधानी इंदौर के लिए आज का दिन बेहद खास था। अब शहर का ट्रैफिक बेहतर होगा और लोगों को आने-जाने के लिए नई सुविधा भी मिली। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 2 हजार 850 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मेट्रो कॉरिडोर का शुभारंभ किया। यह मेट्रो कॉरिडोर सुपर कॉरिडोर-3 से मालवीय नगर तक बनाया गया है। इस दौरान सीएम डॉ. मोहन ने न केवल मेट्रो में सफर किया, बल्कि स्कूली बच्चों से बातचीत की और उन्हें दुलारा भी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ बापट चौराहा से गांधीनगर तक मेट्रो ट्रेन में सफर किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर में मेट्रो ट्रेन का विस्तार केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत है। आज मेट्रो का नया चरण शुरू हुआ है और आने वाले समय में इसके और चरण पूरे होंगे। मेट्रो के माध्यम से इंदौर को उज्जैन और पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मेट्रो के पहले चरण को मिले सकारात्मक प्रतिसाद के बाद अब इसका विस्तार शहर के अंदरूनी क्षेत्रों तक हो रहा है। यह सिलसिला लगातार आगे बढ़ेगा और आने वाले समय में मेट्रो इंदौर सहित पूरे मालवा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले सामने आई आर्थिक विकास दर के आंकड़े देशवासियों का उत्साह और गौरव बढ़ाने वाले हैं। अमेरिका की विकास दर लगभग 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत के मुकाबले भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहना देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया के बड़े देशों के सामने अपने हितों और अपनी शर्तों के साथ मजबूती से अपनी बात रख रहा है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और सामर्थ्य का परिचायक है।

इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से बनेगा नया इतिहास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर को मिली मेट्रो की सौगात के साथ ही इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन के लिए 18 हजार 500 करोड़ रुपये की मंजूरी भी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह परियोजना इंदौर, मालवा और पूरे मध्यप्रदेश के विकास में नया इतिहास रचेगी। उन्होंने कहा कि इस रेल परियोजना के पूर्ण होने के बाद इंदौर और मुंबई के बीच आवागमन के लिए गुजरात होकर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इंदौर से मनमाड़ के माध्यम से महाराष्ट्र और मुंबई से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इसी प्रकार मध्यप्रदेश के अन्य क्षेत्रों से भी इंदौर और उज्जैन के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।

उज्जैन-इंदौर-मुंबई कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में गुना से उज्जैन, उज्जैन से इंदौर और इंदौर से मनमाड़ तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी विकसित होगी। इसके साथ ही मेट्रो के उज्जैन तक विस्तार का संकल्प भी लिया गया है। इससे उज्जैन और इंदौर सहित आसपास के पूरे महानगरीय क्षेत्र को एकजुट करने में मेट्रो महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि माँ देवी अहिल्या की नगरी इंदौर विकास और विरासत दोनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज मेट्रो का सफर गांधीनगर से मालवीय चौराहे तक आगे बढ़ रहा है। इस कॉरिडोर की लंबाई 17 किलोमीटर है और इसमें 16 स्टेशन शामिल हैं। यह परियोजना इंदौर के परिवहन तंत्र को आधुनिक और सशक्त बनाने के साथ ही शहर के विकास को नयी गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सहित सभी संबंधित अधिकारियों और मेट्रो परियोजना से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इंदौर को लगातार मिल रही विकास की सौगातों का सिलसिला इसी तरह आगे भी जारी रहेगा।

विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम
केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इंदौर में मेट्रो के नए 11 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में मील का पत्थर है। पहले मेट्रो का लगभग 6 किलोमीटर का हिस्सा आउटर क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन नए कॉरिडोर के जुड़ने से मेट्रो अब शहर के प्रमुख क्षेत्रों से भी जुड़ गई है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के विस्तार से विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे शहर में आवागमन सुगम होगा और लोगों के समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि मेट्रो शहरों के विकास के साथ उद्योग और व्यापार को गति देने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब इंदौर मेट्रो की योजना का मूल उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को सुगम करने के साथ ही इंदौर के विस्तार को गति देना और शहर को विकेंद्रित करना था। इसी मूल उद्देश्य को पूरा करने के लिये मेट्रो परियोजना का विस्तार पीथमपुर, महू, देवास- मक्सी और उज्जैन तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहला चरण शहर में पूरा होने के बाद दूसरे चरण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी इसके लिए आवश्यक स्वीकृति प्रदान की है। इसके बाद मेट्रो को पीथमपुर तक ले जाने की योजना है। आगे औद्योगिक क्षेत्रों से होते हुए उज्जैन, अवंतिकापुरी और मक्सी तक इसके विस्तार की परिकल्पना है।