प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ को पूछताछ के लिए तलब किया है। उन्हें 18 अगस्त को मोहाली के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच एजेंसी के सामने पेश होने को कहा गया है। मामला जमीन के लैंड यूज में बदलाव यानी CLU की मंजूरी से जुड़ा है, जिसमें कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है।
ईमेल के जरिए भेजा समन
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ED ने कंवल प्रीत बराड़ को ईमेल के जरिए समन भेजा है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि सनटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए जमीन के इस्तेमाल में बदलाव की मंजूरी देते समय जमीन मालिकों की सहमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच किस तरह की गई थी। ED यह भी देख रही है कि अधिकारियों के स्तर पर दस्तावेजों की सत्यता और जमीन मालिकों की सहमति को लेकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया था या नहीं।
समन की जानकारी से इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंवल प्रीत बराड़ ने कहा है कि उन्हें फिलहाल समन मिलने की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद वह बैठक के लिए कार्यालय में मौजूद नहीं थीं। ऐसे में उन्हें यह जानकारी नहीं है कि उस दौरान उनके आधिकारिक ईमेल पर कोई समन भेजा गया था या नहीं।
2020 की शिकायत से शुरू हुई जांच
सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ा यह मामला वर्ष 2020 में सामने आया था। मोहाली के पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि प्रोजेक्ट के प्रमोटरों ने जमीन की बिक्री के लिए फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 53 कनाल जमीन समेत 14 अन्य किसानों की करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े दस्तावेजों में जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया गया। 25 नवंबर 2020 को तत्कालीन SP (इन्वेस्टिगेशन) हरमनदीप हंस ने मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कथित जालसाजी और आपराधिक साजिश के पहलू सामने आए। इसके बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में FIR दर्ज की गई।
मई में ED ने की थी छापेमारी
पुलिस की FIR के आधार पर ED ने 7 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। इसके बाद जांच एजेंसी ने मोहाली और चंडीगढ़ में करीब 12 ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल के अलावा ABS Township और Eltus Space Builders से जुड़े अधिकारियों और निदेशकों से भी पूछताछ की गई।
₹21 लाख कैश का मामला
ED की कार्रवाई के दौरान कारोबारी नितिन गोहल के घर पर भी तलाशी ली गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, इसी दौरान नौवीं मंजिल से करीब 21 लाख रुपये कैश नीचे फेंके जाने की बात सामने आई थी। जांच के बाद ED ने सनटेक सिटी के प्रमुख प्रमोटर बताए जा रहे अजय सहगल को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मोहाली की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। अदालत ने 27 मई 2026 तक उन्हें ED की हिरासत में भेज दिया था।