हिमाचल प्रदेश में बिगड़ती आर्थिक स्थिति और बढ़ते कर्ज को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। हिमाचल बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। CPRI मुख्यालय में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री को बीजेपी सांसदों की भूमिका पर सवाल उठाने के बजाय प्रदेश की आर्थिक स्थिति और विकास की रफ्तार पर ध्यान देना चाहिए।
कश्यप ने कहा कि बीजेपी सांसदों को मुख्यमंत्री से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। लोकसभा और राज्यसभा के पार्टी सांसद अपनी संवैधानिक और राजनीतिक जिम्मेदारियों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने दावा किया कि जब भी हिमाचल से जुड़े मुद्दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के समक्ष उठाए गए, केंद्र ने प्रदेश की जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव सहयोग किया।
केंद्र से मदद लेकर धन्यवाद भूलने का आरोप
सुरेश कश्यप ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मंत्री दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करते हैं, बुके देते हैं और विकास योजनाओं के लिए धन लेकर वापस लौटते हैं, लेकिन बाद में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल को कई केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में सहायता मिल रही है और आपदा के समय भी केंद्र सरकार ने प्रदेश का साथ दिया है।
बढ़ते कर्ज पर सरकार को घेरा
राजस्व घाटा अनुदान (RDG) का जिक्र करते हुए कश्यप ने इसे अस्थायी व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर 2027 तक आत्मनिर्भर और 2030 तक देश का सबसे विकसित राज्य बनने का दावा करती है, जबकि दूसरी ओर आर्थिक समस्याओं के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराती है।
उन्होंने सरकार से आय बढ़ाने, गैर-जरूरी खर्चों पर लगाम लगाने और कर्ज पर निर्भरता कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। अधिकारियों के कैडर में कमी के प्रस्ताव पर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि विकास और प्रशासन के लिए अधिकारियों की भूमिका अहम है। उनके मुताबिक सरकार को राजनीतिक नियुक्तियों और फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना चाहिए।
बीजेपी की गुटबाजी के आरोप पर पलटवार
बीजेपी में गुटबाजी के आरोपों पर कश्यप ने कहा कि पार्टी में केवल एक गुट है और वह भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने दावा किया कि हाल के पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में बीजेपी को व्यापक जनसमर्थन मिला। चार नगर निगमों में से तीन में बीजेपी के नेतृत्व का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
हिमकेयर योजना पर भी सरकार को नसीहत
हिमकेयर योजना को लेकर कश्यप ने कहा कि इसने लाखों जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा दी है। उन्होंने कहा कि यदि योजना में अनियमितता की आशंका है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी गड़बड़ी के आधार पर पूरी योजना को कमजोर या बंद करना उचित नहीं है।
कश्यप ने कांग्रेस सरकार से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद विकास की गति और आर्थिक स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।