हरियाणा सरकार ने जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए गुरुवार को एक साथ करीब 1,890 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए कुल 1,890 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की।
मुख्यमंत्री ने इसे व्यवस्था परिवर्तन और सरकार के प्रोएक्टिव मॉडल का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे खातों में पैसा पहुंचाना पारदर्शिता और सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
15 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाखों लाभार्थियों को फायदा
सरकार की 15 अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत कुल 35,06,841 लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,129 करोड़ 5 लाख रुपये जारी किए गए। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांग भत्ता समेत विभिन्न योजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, योजना की 11वीं किस्त के तौर पर 10,10,000 बहन-बेटियों के खातों में 212 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि भेजी गई। इस योजना के तहत अब तक कुल 2,254 करोड़ 47 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
दयालु योजना से 4,520 परिवारों को मिली आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि दयालु योजना के तहत 4,520 परिवारों को 168 करोड़ 13 लाख 21 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। वहीं, हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 5 लाख महिलाओं के बैंक खातों में जुलाई महीने की 19 करोड़ 68 लाख रुपये की गैस सिलेंडर सब्सिडी भेजी गई।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उद्योगों और किसानों के लिए भी जारी हुई राशि
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की योजनाओं के तहत ई-कुबेर के माध्यम से 670 औद्योगिक लाभार्थियों को 311.25 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई। इसमें 50 फीसदी राशि सात कार्य दिवसों में, जबकि बाकी 50 फीसदी राशि जांच पूरी होने के बाद 45 कार्य दिवसों में दी जाएगी।
LIVE: विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को राशि वितरण (चंडीगढ़) https://t.co/IpF8bzytk6
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) September 10, 2026
वहीं, भावांतर भरपाई योजना के तहत सब्जी और शहद उत्पादक 6,177 किसानों के खातों में 49 करोड़ 89 लाख रुपये की राशि जारी की गई।
इसमें अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला के 6,012 आलू उत्पादक किसानों को 48.09 करोड़ रुपये मिले। वहीं अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के 99 फूलगोभी उत्पादकों को 46.76 लाख रुपये और प्रदेश के 15 जिलों के 66 मधुमक्खी पालकों को 1.32 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुवार को जारी राशि को मिलाकर भावांतर भरपाई योजना के तहत अब तक 45,764 किसानों को 246 करोड़ 95 लाख रुपये की मदद दी जा चुकी है।